महाराष्ट्र और गुजरात समेत समुद्र तटीय इलाकों में तबाही मचाने वाला चक्रवाती तूफान ताऊते का असर आगरा मंडल में भी दिखने लगा है। मंगलवार की सुबह से बादल छाए और सुबह 10 बजे बारिश शुरू हो गई। रुक-रुककर दिन में कई बार बूंदाबांदी हुई और शाम को फिर से बारिश होने लगी। इस बारिश के कारण ताजनगरी में तापमान सामान्य से 12 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। दिन का तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। दिन और रात के तापमान में महज चार डिग्री का अंतर रह गया। प्रदेश में आगरा सबसे कम तापमान वाले पांच शहरों में एक रहा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 12 डिग्री नीचे है।
महज दो दिनों के अंदर ही आगरा में पारा 42 डिग्री से 29 डिग्री पर आ गया। न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों में तेज बारिश और आंधी के आसार हैं। न्यूनतम तापमान में भी कमी आएगी।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन ने आपदा नियंत्रण टीमों को अलर्ट किया
महाराष्ट्र और गुजरात में तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान ताउते को लेकर आगरा समेत 22 इलाकों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। 18 से 20 मई तक भारी बारिश, तेज हवाएं और चमक गरज के साथ बिजली गिरने की आशंका जाहिर करते हुए लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की गई है। जिला प्रशासन ने आपदा नियंत्रण टीमों को अलर्ट किया है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया 18 से 20 मई तक 30 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। आगरा समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की आशंका है। डीएम ने कहा, लोग तूफान में सुरक्षित रहें और सावधानी बरतें। इधर, सोमवार रात से ही आगरा में ताउते से मौसम में अचानक परिवर्तन आया है। रह-रह कर बारिश शुरू हो गई है। दिनभर ठंडी हवाएं चली हैं। अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
इन इलाकों में हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक ग्रेटर नोएडा, आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस, मैनपुरी, नरोरा, राया, इगलास, अलीगढ़, अतरौली, कासगंज, मथुरा, सहसवान, एटा, नंदगांव, बरसाना, जहांगीराबाद, खुर्जा, पहासु, टूंडला, जतारी, जाजऊ में तीन दिन बारिश हो सकती है।
2018 में तूफान ने मचाई थी तबाही
आगरा में दो अप्रैल 2018 को आए भयंकर तूफान ने जमकर तबाही मचाई थी। 100 से 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आए बवंडर ने 10 हजार से अधिक घर तहस-नहस कर दिए थे। तब 24 लोगों की मौत हुई थी। पिछले साल मई 2020 में भी तूफान ने 100 साल पुराने पेड़ उखाड़ दिए थे। उस दौरान दो बच्चों समेत तीन लोगों की आपदा जनित हादसों में मृत्यु हो चुकी है।