घंटों लाइन में लगने के बाद भी ताजमहल का प्रवेश टिकट न मिल पाने पर कुछ पर्यटक भड़क गए। उन्होंने हंगामा किया। सुरक्षाकर्मियों के काफी समझाने के बाद वह माने। गुरुवार को 35 हजार से अधिक पर्यटकों ने संगमरमरी स्मारक का दीदार किया। इसमें लगभग साढ़े तीन हजार विदेशी पर्यटक थे।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 6
tajmahal
- फोटो : tajmahal
दिवाली से ताज पर पर्यटकों की काफी भीड़ उमड़ रही है। शायद की कोई दिन गुजर रहा है जिस दिन 30 हजार से कम पर्यटक आ रहे हों। गुरुवार को 35 हजार से अधिक पर्यटकों के पहुंचने से अव्यवस्थाएं फैल गईं।
विज्ञापन
3 of 6
tajmahal
- फोटो : social media
सूर्यास्त के समय जब टिकट खिड़की बंद होने का समय आया तब भी काफी लंबी लाइनें लगी थीं। खिड़की बंद होने पर उन्होंने विरोध जताया। उनका कहना था कि जब टिकट नहीं देनी थी तो पहले ही उन्हें सूचित क्यों नहीं किया गया। घंटों लाइन में क्यों खड़ा रखा गया।
4 of 6
ताजमहल के पास लग गया कचरे का ढेर
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल के पास दो किमी क्षेत्र में सफाई के लिए हर महीने 26.50 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन ताज और उसके आसपास गंदगी के ढेर लगे हैं। डस्टबिन कूड़े से भरे हैं तो सड़कों पर झाडू तक नहीं लग रही। कमिश्नर अनिल कुमार ने उप निदेशकों से सफाई की चेकिंग कराई तो हर बार की तरह इस बार भी रिपोर्ट बेहद खराब मिली। ताजगंज में सफाई की जिम्मेदारी बीवीजी कंपनी पर है, जो लगातार चेकिंग में फेल साबित हो रही है।
विज्ञापन
5 of 6
हड़ताल पर गए सफाईकर्मी, ताजमहल के पास लग गया कचरे का ढेर
- फोटो : अमर उजाला
उपनिदेशक विपणन एमसी गंगवार, उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या नवीन चतुर्वेदी की टीम ने ताजमहल के पास सफाई का जायजा लिया। उन्हें पुरानी मंडी चौराहे से ताज के पश्चिमी गेट तक जगह जगह कूड़ा। दो दिन से यहां सफाई नहीं हुई थी। उपनिदेशकों को इस रोड पर कोई सफाई कर्मचारी नहीं मिला। 19 में से 6 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। पश्चिमी गेट से किले की ओर सड़क पर पुराना कूड़ा मिला। अमरूद टीला पार्किंग में आवारा पशु और गोबर पड़ा मिला। पूरी पार्किंग में सूखा और गीला कचरा फैला पाया गया। सड़क पर बांयी ओर पुरानी झाड़ियां और मलबा पड़ा मिला, जिसे हटाने के लिए कंपनी के सुपरवाइजर से कहा गया।
एडीए सचिव राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने नगर आयुक्त अरु ण प्रकाश को एडीए की कालोनी की सफाई कराने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें वह नगर निगम को सफाई के लिए खर्च का भुगतान करने को तैयार हैं। एडीए सचिव राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के मुताबिक एडीए के पास कोई डंपिंग ग्राउंड नहीं है, जहां वह कालोनी से एकत्र कचरा निस्तारित कर सके। जब तक कालोनी हस्तांतरित नहीं होती, तब तक नगर निगम ताजनगरी फे स-2 का कूड़ा कुबेरपुर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाए। इसका खर्च एडीए देगा।