ताजमहल पर टिकट का हो रहा गड़बड़झाला सैलानियों की मुसीबत बढ़ा रहा है। रविवार को एक भी टिकट बुक नहीं हो पाया। शनिवार रात में ही रविवार की सुबह और दोपहर के स्लॉट के सभी 5000 टिकट बुक हो चुके थे। ऐसे में रविवार को भारी भीड़ का अंदेशा था, लेकिन ताजमहल पर पर्यटक केवल 3839 ही आए। दरअसल, लपकों द्वारा रात में ही टिकट बुक कराने के बाद रविवार को 1161 टिकट बिक नहीं सके। ऐसे में ताजमहल पर रविवार को बिना टिकट बुक कराए आए सैलानियों को मायूस लौटना पड़ा।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 7
टिकट नहीं मिलने से मायूस दिखे सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को पहला मौका रहा, जब ताजमहल का एडवांस टिकट बुक कराए बिना आगरा आने वाले एक भी सैलानी को टिकट नहीं मिल पाया। शनिवार रात में ही सभी टिकट बुक हो चुके थे। ऐसे में सुबह और दोपहर के स्लॉट में सैलानी परेशान रहे।
विज्ञापन
3 of 7
ताजमहल पर क्यूआर कोड स्कैन करते पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
सुबह और दोपहर के स्लॉट में सैलानी परेशान रहे। पर्यटकों को टिकट उपलब्ध नहीं थे, जबकि पार्किंग और ताजमहल पश्चिमी गेट, पूर्वी गेट पर लपके ताज में प्रवेश का 50 रुपये का टिकट 300 और मुख्य गुंबद का 250 रुपये का टिकट 700 रुपये में बेच रहे थे।
4 of 7
ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
कालाबाजारी के कारण ताज में सभी 5 हजार टिकट बिकने के बाद भी केवल 3839 सैलानी ही आ पाए। पर्यटन उद्यमियों का आरोप है कि टिकटों की बिक्री और प्रवेश पाने वाले सैलानियों के आंकड़े से स्पष्ट है कि बाकी टिकट लपकों ने बुक कराए थे जो बिक नहीं पाए।
मैने संस्कृति मंत्री को पूर्व में और रविवार को भी ताज पर टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए कैपिंग हटाने की मांग की है। ताज पर सैलानियों के सामने आ रही मुश्किल दूर करने के लिए कोई उपाय न तो स्थानीय प्रशासन कर रहा है और न ही एएसआई। इससे पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका लगेगा। प्रहलाद अग्रवालए अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट वेलफेयर एसो.
अजीब हालात हैं। पर्यटक ताज देखना चाहते हैं, लेकिन टिकट नहीं मिल रहा। वही 50 रुपये का टिकट पर्यटकों को 300 रुपये में खुलेआम बेचा जा रहा है, पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। इससे आगरा आने से पर्यटक तौबा कर लेंगे। मनीष अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, नेशनल चैंबर
परिवार के साथ आ रहे पर्यटकों को टिकट नहीं मिल रहा। एक महीने से सभी आंखें बंद कर पर्यटन की दुर्दशा कर रहे हैं, पर कार्रवाई कोई नहीं कर रहा। इससे अच्छा था कि ताजमहल को फिर से बंद कर दिया जाए। कम से कम पर्यटक रोते हुए तो वापस नहीं जाएंगे। शकील चौहान, महासचिव, गाइड एसोसिएशन