पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग करती कर्मचारी
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चंडीगढ़ से आईं सपना सिंह ने कहा कि मेरे साथ पांच लोग हैं। सुबह नौ बजे ताजमहल आ गए थे, लेकिन टिकट नहीं मिला। स्कैन करने पर बताया कि टिकट बुक हो गए। पार्किंग पर पहुंचे तो कुछ लड़के 300 रुपये में टिकट बेच रहे थे। हमने वही खरीदे, तब ताज देखा।
गाजियाबाद के निरंजन सिंह तोमर ने बताया कि वह पूरे परिवार के साथ ताजमहल देखने आए थे। ऑनलाइन टिकट बुक ही नहीं हुआ। ये कैसी व्यवस्था है। हमारे सामने फिल्मों की तरह ताजमहल के टिकट ब्लैक हो रहे हैं, पर हमें नहीं मिल रहे। पुलिस भी उन्हें टिकट बेचते हुए देखती रही, कार्रवाई नहीं की।
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने कहा कि हमने पर्यटकों के सामने आ रही मुश्किलों के बारे में मुख्यालय को बता दिया है। टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए हमने पुलिस से कहा है। लपकों पर अंकुश पुलिस ही लगा पाएगी।