ताजमहल पर मंगलवार सुबह से दोपहर तक छह घंटे के बीच सर्वर ठप होने से टर्न स्टाइल गेट तीन बार बंद हुए। इस दौरान 15 हजार सैलानियों के दो घंटे बर्बाद हो गए। जो अंदर थे, वे बाहर नहीं आ पाए। बाहर वालों को प्रवेश नहीं मिला। इस बीच लाइनें लंबी हो गईं। नंबर आता न देख शाम को पर्यटकों ने हंगामा किया। इसकेबाद सैलानियों को साइड में बने छोटे से वैकल्पिक गेट से प्रवेश दिया गया। इसके बाद बुधवार को भी यही हाल रहा। सुबह के समय सर्वर फेल होने के कारण सैलानियों को टर्न स्टाइल गेट के नीचे से निकाला गया।
सुबह लगभग 9.20 बजे पश्चिमी गेट पर सर्वर ठप हो गया। यहां टिकट की बिक्री और प्रवेश प्रक्रिया रुक गई। इस गेट पर मौजूद स्टाफ ने पूर्वी गेट पर संपर्क कर सर्वर ठप होने की जानकारी दी। थोड़ी देर में यहां सर्वर चालू हो गया।
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गेट खुलने का इंतजार करते पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
सुबह 10.17 बजे एक बार फिर से सर्वर ठप हुआ। इस बार दोनों गेटों पर प्रवेश और टिकट बिक्री प्रक्रिया थम गई। देशी-विदेशी पर्यटक लाइन में फंस गए। टिकट खिड़की पर टिकट न मिलने से लंबी लाइन लग गई। वहीं, टर्न स्टाइल गेट भी बंद हो गए।
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टिकट काउंटर पर पर्यटकों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
स्मारक के अंदर और बाहर भी पर्यटकों की लाइन लग गई। काफी देर तक पर्यटक शांत रहे लेकिन समस्या हल होती नहीं दिखी तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। एएसआई के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने टिकट व्यवस्था संभाल रही गोदरेज कंपनी के अधिकारियों से बात की।
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सर्वर डाउन होने से टर्न स्टाइल गेट बंद
- फोटो : अमर उजाला
व्यवस्था बहाल में होने में लगभग एक घंटा लग गया। सुबह लगभग 11.27 बजे सर्वर चालू हुआ। इसके बाद ही टिकट बिक्री शुरू हुई। टर्न स्टाइल गेट भी तभी खुला। कुछ घंटे बाद अपराह्न तीन बजे के आसपास पूर्वी गेट का सर्वर एक बार फिर दगा दे गया। इसके चलते यहां लगभग 20 मिनट तक पर्यटक फंसे रहे।
टर्न स्टाइल गेट बंद होने के कारण लगी पर्यटकों की कतार
- फोटो : अमर उजाला
तकनीकी खराबी के चलते सर्वर ठप
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि ताजमहल पर तकनीकी खराबी के चलते सर्वर बंद हुआ था। इससे पर्यटकों को असुविधा हुई। हालांकि थोड़ी देर बाद इसे दुरुस्त कर लिया गया। वहीं आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चेंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन सीजन में हर दिन हजारों पर्यटक रहेंगे। ऐसे में एएसआई को कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। ताकि पर्यटकों को ऐसी स्थिति में परेशानी न उठानी पड़े।