संगमरमरी ताजमहल पर एक बार फिर कीड़ों ने हमला कर दिया है। दरअसल, ताजमहल के पीछे यमुना नदी में गंदगी के हालात हैं, जिसमें गोल्डी काइरोनोमस नामक कीड़े पनपते हैं। इन कीड़ों के हमले से ताजमहल की संगमरमरी काया पर हरे रंग के दाग लग रहे हैं।
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संगमरमर पत्थर पर बनी नक्काशी पर हरे दाग
- फोटो : अमर उजाला
तीन साल में पांचवीं बार ताजमहल पर इन कीड़ों ने हमला किया है। ताजमहल के उत्तरी दरवाजे की ओर चमेली फर्श और दीवार पर हरे रंग के दाग नजर आ रहे हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारी के अनुसार इन दागों को हर शुक्रवार को साफ कराया जाता है।
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ताजमहल की उत्तर-पश्चिम मीनार
- फोटो : अमर उजाला
नालों से आ रही गंदगी और सीवर के कारण यमुना नदी में ताजमहल के पीछे लगभग दलदल के हालात हैं। फास्फोरस ज्यादा होने से गोल्डी काइरोनोमस कीड़े ज्यादा तेजी से पनपते हैं। कीड़ों के स्राव के कारण हरे रंग के निशान संगमरमरी दीवारों पर दिखने लगे हैं।
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तीन साल पहले अमर उजाला ने किया था खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
तीन साल पहले ताजमहल पर कीड़ों के कारण दीवारों का रंग हरा पड़ गया था। तब अमर उजाला ने ही इसका खुलासा किया था। इस मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने स्वत: संज्ञान लिया था, जिसके बाद प्रशासन ने एडीएम सिटी की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय कमेटी भी बनाई, लेकिन इसकी संस्तुतियों को कभी अमल में नहीं लाया गया।
पिछले दिनों उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सालाना रिपोर्ट जारी की था, जिसमें खुलासा हुआ है कि ताजमहल के पीछे ही यमुना नदी पूरे प्रदेश में सबसे मैली है। गर्मी में पानी कम होने से यमुना में प्रदूषण की मात्रा और बढ़ गई, जिससे फास्फोरस बढ़ने के कारण गोल्डी काइरोनोमस और ग्लिप्टोटेन कीड़े पहुंच रहे हैं।