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वाह ताज: पार्श्व में कलकल बहती कालिंदी और सूरज की किरणों से चमकता ताजमहल, देखिए तस्वीरें

Sat, 25 Sep 2021 12:40 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
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ताजमहल: ताज के पार्श्व में बहती यमुना - फोटो : अमर उजाला
संगमरमरी ताजमहल सूरज की किरण पड़ते ही जिस सुनहरी लालिमा से दमकता है, उसकी झलक पाने को दुनियाभर के सैलानी बेकरार रहते हैं। दुनिया का सातवां अजूबा सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सुनहरी आभा लिए नजर आता है। ताज के इस रूप का दीदार करने के लिए दुनियाभर के सैलानी भोर की पहली किरण के साथ ही ताज पर पहुंचते हैं। वहीं सूर्यास्त का नजारा भी मनमोहक होता है। शुक्रवार को ताजमहल और पार्श्व में कलकल बहती कालिंदी का नजारा भी दिल को छू लेने वाला था। बादलों के बीच सूरज की किरणें ताजमहल पर पड़ रही थी और यमुना का पानी हिलोरें मार रहा था। बता दें कि इस समय ताजमहल समेत सभी स्मारकों के दीदार का समय सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक किया जा सकता है।
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ताजमहल और पार्श्व में बहती यमुना नदी - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में लंबे समय तक बंद था। जब खोला गया तब तमाम पाबंदिया थीं। समय के साथ सैलानियों की सीमित संख्या रखी गई। लेकिन दुनिया के सात अजूबों में शामिल इस ऐतिहासिक स्मारक में अब कोरोना गाइड लाइन लागू है, पर्यटकों की संख्या पर लगी पाबंदियां खत्म कर दी गई हैं। सैलानी ताजमहल का दीदार सुबह 6 बजे से कर सकते हैं। 
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ताजमहल और यमुना - फोटो : अमर उजाला
सूरज की पहली किरण जैसे ही श्वेत, धवल संगमरमरी ताजमहल के गुंबद पर पड़ती है यह सोने की तरह दमकता ताजमहल सैलानियों की आंखों में बस जाता है। सूर्योदय के समय संगमरमर पर सूरज की रोशनी बढ़ती है तब ताजमहल का रूप निखरता चला जाता है। कई बार ताजमहल वर्ष 1980 में जैसा था, उसी तरह जैसा दिखता है। 

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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
टूर गाइड राजीव सक्सेना का कहना है कि उन्होंने 1985 में जब ताजमहल देखा था, तब इतनी ही भीड़ और इतना ही साफ धवल नजर आता था। बाद में भीड़ बढ़ने पर ताजमहल में अवस्थाएं हो गई।
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बारिश के दौरान ताजमहल का नजारा - फोटो : अमर उजाला
चांदनी रात में ताजमहल में चमकी देखने के लिए सैलानी बेकरार रहते हैं, लेकिन यही चमकी सैलानियों ने कभी-कभी दिन में देखने को मिल जाती है। ताजमहल के मुख्य गुंबद पर लगे कीमती नगीने सूरज की मद्धम रोशनी में चमकने लगते हैं। इस दृश्य को सैलानी अपने कैमरे में कैद करने के लिए उत्साहित रहते हैं। । इस अद्भुत नजारे को देखकर सैलानियों के मुंह से बरबस 'वाह ताज' निकलता है।


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