दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल की चमक बढ़ाने और पीलापन दूर करने के लिए किए जा रहे मडपैक ट्रीटमेंट का काम मानसून के बाद शुरू किया जाएगा। ताजमहल परिसर में केवल मकबरे के मुख्य गुंबद और तहखाने में मौजूद कब्रें मडपैक से बाकी रह गई हैं। मानसून से पहले ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने गुंबद की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। इनले पीस लगाने और प्वाइंटिंग का काम करने के बाद गुंबद पर मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाकर सफाई कराई जाएगी। ताजमहल पर धूल कणों और कार्बन कणों के कारण पीलेपन की वैज्ञानिक रिपोर्ट के बाद संसदीय कमेटी की सिफारिशों के मद्देनजर संस्कृति मंत्रालय ने मडपैक ट्रीटमेंट शुरू कराया था, जिसमें ताज की चारों मीनारें, आर्च और चारों ओर की दीवारों के साथ गुंबद के अंदर का पूरा हिस्सा मडपैक से दमका दिया गया था, लेकिन गुंबद पर मडपैक न किए जाने से यह ताज के अन्य संगमरमरी हिस्सों से अलग नजर आता है।