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कोरोना काल में ताजमहल ने पूरा किया 'बंदी' का शतक, पर्यटन उद्योग पर बुरा असर

Fri, 26 Jun 2020 12:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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ताजमहल में पसरा सन्नाटा - फोटो : Amar Ujala
कोरोना काल में ताजमहल सहित आगरा के सभी एतिहासिक स्मारकों ने बंदी का शतक पूरा कर लिया है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब ताजमहल लगातार इतने दिनों से बंद है। इस बंदी का असर ताजनगरी के उद्योग धंधों पर पड़ा है। सबसे ज्यादा पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ है। इस बंदी से परेशान से लोग ताजमहल को खोलने की मांग करने लगे हैं। 
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आगरा लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
संस्कृति मंत्रालय के आदेश पर 17 मार्च से ताजमहल सहित सभी स्मारकों पर ताला पड़ा है। अनलॉक 1.0 में कई रियायत मिलीं, लेकन आगरा के कंटेनमेंट जोन होने के चलते ताजमहल सहित 14 स्मारक नहीं खोले जा सके। 25 जून को इन स्मारकों को बंद हुए 100 पूरे हो गए। 
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पेठा - फोटो : अमर उजाला
यह स्मारकों की सबसे लंबी बंदी है। इसका असर होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट पर तो पड़ा ही है। ताजमहल बंद होने से आगरा के पेठा कारोबार को बड़ा झटका लगा है। ताजगंज, फतेहाबाद रोड, हाईवे की लगभग एक हजार दुकानें बंद हैं। सैलानी नहीं आ रहे, इसलिए बिक्री नहीं है। जूता उद्योग का भी यही हाल है। यह भी प्रभावित हुआ है। 

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सूनी पड़ी ताजमहल की टिकट खिड़कियां - फोटो : अमर उजाला
पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग ताजमहल को खोलने की मांग करने लगे हैं। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन आगरा के अध्यक्ष राकेश चौहान का कहना है कि सरकार को अब ताजमहल सहित सभी स्मारक खोल देने चाहिए। तीन महीने से लोग बेरोजगार बैठे हैं। सरकार की तरफ से अभी कोई मदद भी नहीं मिली है। 
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ताजमहल का पूर्वी गेट - फोटो : Amar Ujala
एप्रूव्ड टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमसुद्दीन ने कहा कि गाइडों की रोजी-रोटी तो सैलानियों के भरोसे ही नहीं है। करीब तीन महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है। ऐसे में गाइडों के परिवारों में खाने के लाले पड़ने लगे हैं। सरकार से मांग है कि ताजमहल को पर्यटकों के लिए जल्द खोला जाएगा। 
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