यमुना एक्सप्रेसवे पर बस को हाईजैक कर लूट होने के मामले में गाज कोतवाल सुरीर महाराज सिंह भाटी और एसआई हरिओम त्यागी पर गिर गई है। एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने दोनों को लाइन हाजिर कर दिया है। लूट की वारदात होना और फिर खुलासे में देरी पर यह कार्रवाई की गई है। बता दें कि पांच अप्रैल को एक्सप्रेसवे पर माइल स्टोन-89 से स्लीपर बस में सवार हुए नकाबपोश बदमाशों ने 20 यात्रियों से 1.66 लाख रुपये के जेवरात, नकदी और मोबाइल लूट लिए थे।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर
- फोटो : अमर उजाला
लूट के खुलासे के लिए एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने पांच टीमों को लगाया था। हालांकि छह दिन बाद भी पुलिस लूट का खुलासा करने में नाकाम रही है। लूट के खुलासे में हो रही देरी पर एसएसपी ने कोतवाल, एसआई को लाइन हाजिर कर दिया है। हालांकि अभी तक नया कोतवाल कोई नहीं बनाया गया है। कारण आचार संहिता के चलते नए कोतवाल को तैनात करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी। एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि लापरवाही पर कोतवाल और दरोगा को लाइन हाजिर किया गया है।
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मथुरा में बस लूटकांड के आरोपियों के स्कैच जारी हुए
- फोटो : अमर उजाला
होडल, पलवल व सुरीर में पुलिस टीमों का डेरा
एक्सप्रेसवे पर बस हाईजैक करके लूटपाट करने वाले बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं। इतना जरूर है कि पुलिस की टीमें उनके ठिकाने पलवल और होडल तक पहुंच चुकी हैं। यहां पर पुलिस को यह जानकारी मिली है कि बदमाश अभी भागे हुए हैं। इनके साथ लूट में शामिल सुरीर के कुछ बदमाश भी अपने घरों से फरार हैं। फिलहाल पुलिस इन लुटेरों की सुरागरसी लगा रही है, जिसमें अभी तक पुलिस को कामयाबी नहीं मिल सकी है।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर खड़ी बस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की इन टीमों ने इनके ठिकानों के आसपास डेरा डाल लिया है। कई बदमाशों के मोबाइल नंबर भी ट्रेस करके उनकी लोकेशन खंगाली जा रही है। पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही बदमाश उनकी गिरफ्त में होंगे। एसपी देहात श्रीशचंद ने बताया कि पुलिस की टीमें होडल, पलवल समेत सुरीर में दबिश दे रही हैं। जल्द ही बस हाईजैक में शामिल बदमाशों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
जेल पहुंची पुलिस टीम ने जुटाई बदमाशों की जानकारी
एक्सप्रेसवे पर हुई लूटपाट के खुलासे में जुटी पुलिस की एक टीम मथुरा जेल तक पहुंची। यहां पर पुलिस की इस टीम ने शातिर लुटेरों की जानकारी जुटाई। इस टीम ने जेल में बंद कई लुटेरों से बातचीत करके यह जानकारी की है कि एक्सप्रेसवे की घटना में कौन अपराधी हो सकते हैं। पुलिस को कुछ पुख्ता सुबूत हाथ लगे हैं।