आगरा में नागरिकता कानून का विरोध करने जा रहे समाजवादी पार्टी के नेताओं सहित 150 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हंगामे और नारेबाजी के बीच इन्हें गाड़ियों में भरकर पर्यटन थाना ले जाया गया। ये लोग यहां भी नारे लगाते रहे। यहां से शाम को पांच बजे सभी को मुचलकों पर रिहा कर दिया गया। इस बीच शहर में पुलिस, प्रशासन के दफ्तर छावनी बने रहे।
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सपा कार्यकर्ताओं को ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सपा ने बुधवार को ही प्रदर्शन का एलान कर दिया था। इसके मद्देनजर सुबह सात बजे एसएसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद पुलिस फोर्स के साथ सड़क पर निकल पड़े। सपाइयों ने तहसील में धरना प्रदर्शन की तैयारी की थी। इसके लिए फतेहाबाद रोड स्थित जिला कार्यालय पर एकत्र हुए।
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सपा कार्यकर्ताओं को ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने पहले से ही दफ्तर को घेर रखा था। जैसे ही सपाई नारे लगाते हुए सड़क पर पहुंचे, उन्हें हिरासत में ले लिया गया। गाड़ियों में सपाई पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ नारे लगाते रहे। उनका कहना था कि देश में तानाशाही चलाई जा रही है।
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सपा कार्यकर्ताओं को रोकती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सपा के निवर्तमान महानगर अध्यक्ष वाजिद निसार ने कहा कि वे पुलिस ने उनके लोकतांत्रिक अधिकार को कुचला है। वे लोग नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन देने जा रहे थे। उन्हें धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में रास्ते में ही पकड़ लिया गया।
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थाने में सपा नेता और कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
थाना में ही सपा नेताओं ने एसडीएम विनोद जोशी को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें खाद बीज के दामों में वृद्धि, अपराध बढ़ने पर गुस्सा जाहिर किया गया है। वाजिद निसार ने दावा किया कि पुलिस की इतनी सख्ती के बावजूद 300-400 सपाई प्रदर्शन में शामिल रहे।
पूर्व सांसद रामजी लाल सुमन को पुलिस ने उनके हरीपर्वत स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया। एएसपी हरीपर्वत सौरभ दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस फोर्स सुबह ही घर पहुंच गई थी। रामजी लाल सुमन ने कहा कि पुलिस जनता की आवाज को दबा रही है।