फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संजलि हत्याकांड: एक साल बाद भी इंसाफ का इंतजार, पिता की छूटी नौकरी, दहशत में पीड़ित परिवार

Fri, 20 Dec 2019 12:30 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 7
छात्रा संजलि का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
एक साल पहले 18 दिसंबर 2018 को आगरा के गांव लालऊ में जिंदा जलाई गई दसवीं की छात्रा संजलि के परिवार पर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उसके पिता हरेंद्र का कहना है कि हत्यारोपी के परिवारीजन चाहते हैं कि वो केस वापस ले लें। उनका कहना है कि ऐसा होगा नहीं। उन्हें सिर्फ इंसाफ चाहिए।
विज्ञापन

2 of 7
संजलि के पिता (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
हरेंद्र कहते हैं कि उन्हें डर है कि कहीं परिवार के किसी सदस्य पर हमला न हो जाए। गांव के कुछ लोग भी दबाव बना रहे हैं। इसी डर से उन्होंने नौकरी छोड़ दी है। वो आगरा में एक जूता कारखाने में बतौर सुपरवाइजर काम करते थे। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द गवाही पूरी हो जाए और बेटी को इंसाफ मिले।
विज्ञापन

3 of 7
संजलि की बहन
संजलि की बड़ी बहन अंजलि गामरी स्थित एसएस एजुकेशनल एकेडमी से बीएससी कर रही है। संजलि की हत्या के बाद से परिवार को डर रहता है कि कहीं उसके साथ कोई वारदात न हो जाए। इस डर से पिता उसे कॉलेज छोड़ने भी जाते हैं और छुट्टी के बाद लेने भी। पुलिस ने खुलासा किया था कि संजलि की हत्या उसके तहेरे भाई योगेश ने की थी। संजलि की मौत के बाद योगेश ने जहर खाकर जान दे दी थी। हत्या में उसके साथ रिश्तेदार आकाश और विजय शामिल रहे। दोनों जेल में हैं।

4 of 7
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अफसरों ने वादे किए थे कि इंसाफ में देरी नहीं होगी, कोर्ट फास्ट ट्रैक में चलवाएंगे, तेजी से गवाही कराएंगे लेकिन हुआ क्या? इंसाफ के इंतजार में एक साल बीत गया। अभी तो सभी गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं हो पाए हैं। संजलि की हत्या के बाद आगरा ही नहीं, देश भर में गुस्सा था। जगह-जगह मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि सभा की जा रही थीं। सभी दलों के बड़े नेता लालऊ पहुंचे थे। इंसाफ की लड़ाई में संजलि के परिवार का साथ देने का वादा किया था लेकिन कोई नहीं आया।
 
विज्ञापन

5 of 7
छात्रा संजलि का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
18 दिसंबर को दोपहर के डेढ़ बजे थे। संजलि गांव लालऊ से डेढ़ किमी दूर नौमील गांव स्थित स्कूल से साइकिल से घर आ रही थी। वो गांव के नजदीक पहुंच चुकी थी। तभी बाइक सवार युवक आए। उन्होंने संजलि की साइकिल रोकी। वह कुछ समझ पाती, इससे पहले ही एक ने उसके ऊपर पेट्रोल से भरी पूरी बोतल खाली कर दी। दूसरे ने लाइटर से आग लगा दी। 
विज्ञापन

6 of 7
छात्रा संजलि - फोटो : अमर उजाला
संजलि बीच सड़क बचाओ बचाओ चिल्लाती दौड़ती रही, लोग देखते रहे, कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। वह सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरी। उसका बस्ता भी जल गया। 75 फीसदी झुलस जाने के बाद लोगों की मदद से उसे एसएन मेडिकल भेजा गया। वहां से दिल्ली रेफर किया गया। अगले दिन उसने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
'पापा, जिन्होंने मुझे जलाया, उन्हें सजा दिलाना'
दम तोड़ने से पहले संजलि ने पापा से बात की। उनसे कहा कि पापा मुझे बहुत दर्द हुआ है, सहन भी नहीं कर पा रही, जिन्होंने मुझे जलाया है, उन्हें छोड़ना मत, सजा जरूर दिलाना। पिता हरेंद्र सिंह ने बताया है कि संजलि की मौत को एक साल होने पर शुक्रवार को अपने घर पर शोकसभा का आयोजित कर रहे हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें