योगी सरकार ने कासगंज के सोरोंजी को तीर्थस्थल घोषित कर दिया है। लोगों की वर्षों से चली आ रही मांग पूरी हुई। यहां हरि की पौड़ी, सूर्यकुंड, भागीरथी गुफा पौराणिक महत्व के स्थल हैं, वहीं मां गंगा भी लोगों की आस्था का केंद्र है। अब तीर्थस्थल घोषित होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि इससे क्षेत्र का विकास होगा और पर्यटन को पंख लगेंगे।
सोरोंजी को तीर्थस्थल का दर्जा मिलने के बाद लोगों के बीच अब विकास की तमाम संभावनाएं देखी जा रहीं हैं। सोरोंजी प्राचीन तीर्थ होने के बावजूद शासकीय रूप से तीर्थ की सुविधाओं से काफी समय से वंचित था। यहां न बिजली तीर्थ के मानकों के अनुरूप मिल रही थी और न ही रोजगार के अवसर बन रहे थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सोरोंजी में न केवल विकास होगा, बल्कि रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जिससे यहां के लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
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सोरोंजी का हरिपदी घाट
- फोटो : अमर उजाला
तीर्थक्षेत्र के मानक अब सूकरक्षेत्र में भी लागू होंगे। जैसे मथुरा तीर्थ में मांस, मदिरा आदि को लेकर प्रतिबंध लागू हैं, वैसे ही प्रतिबंध आगामी समय में अधिसूचना जारी होने के बाद सोरोंजी तीर्थक्षेत्र में भी लागू होंगे। अन्य तीर्थों की तरह ही अच्छी विद्युत आपूर्ति मिलेगी। होटल, रेस्टोरेंट के क्षेत्र में लोग रोजगार के अवसर सृजित कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त ट्रांसपोर्ट व अन्य गतिविधियां भी रहेंगी। धार्मिक वस्तुओं का बाजार भी विकसित होगा।
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सोरोंजी मार्ग पर कांवड़िया (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
तीर्थस्थल सोरोंजी में बड़े कांवड़ मेले की परंपरा रही है। जिसके चलते धार्मिक वस्तुओं का बाजार पहले से मौजूद है। इस बाजार का विस्तार तेजी से होगा। चूंकि सोरोंजी गंगा के किनारे का तीर्थ है। तीर्थनगरी और गंगा घाटों पर विकास होने पर श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा। जिससे बाजारों में चहल बढ़ेगी तो कारोबार भी बढ़ेगा। तीर्थ पुरोहित सतीश भारद्वाज का मानना है कि विकास होने पर रोजगार हर हाल में सृजित होगा।
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भगवान वराह की प्रतिमा, हरि की पौड़ी में बना मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
सोरोंजी के प्रमुख मंदिर
भगवान वराह मंदिर, श्याम वराह मंदिर, सीताराम मंदिर, बटुकनाथ मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, दूधेश्वर मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, लहरेश्वर महादेव मंदिर, मां भागीरथी गंगा मंदिर, भागीरथ की गुफा, सूर्यकुंड, चंद्रकुंड, त्रिमहाशक्ति कालिका मंदिर, नवदुर्गा मंदिर, वाछरू मंदिर, चैतन्य महाप्रभु बल्लभाचार्य की बैठक आदि प्रमुख मंदिर हैं।
सोरोंजी क्षेत्र की आबादी - 35000
सोरोंजी का क्षेत्रफल - पांच वर्ग किलोमीटर
सोरोंजी क्षेत्र की ग्राम पंचायत - 74
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खुशी जाहिर करते सोरोंजी के लोग
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को सीएम योगी के ट्विटर अकाउंट पर सोरोंजी सूकरक्षेत्र को तीर्थस्थल बनाने की घोषणा जैसे ही आई लोगों में हर्ष की लहर दौड़ गई। जगह-जगह मिष्ठान वितरित कर आतिशबाजी चलाई गई। लोगों ने सीएम योगी आभार व्यक्त किया। लोग बोले वर्षों पुरानी मांग अब मुख्यमंत्री ने पूरी की है। सोरों के लोग हमेशा मुख्यमंत्री के आभारी रहेंगे। लोगों ने अमर उजाला के अभियान की भी सराहना की।
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पालिका अध्यक्ष मुन्नी देवी ने जताई खुशी
- फोटो : अमर उजाला
नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नी देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 2018 में एटा में की गई अपनी घोषणा को अमली जामा पहनाया है। हरि की पौड़ी के सुंदरीकरण, लहराघाट के निर्माण, पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग के निर्माण के लिए 21.75 करोड़ रुपए स्वीकृत करके तीर्थ के सर्वांगीण विकास का भरोसा दिलाया। अमर उजाला ने लगातार सोरों के विकास के लिए मुहिम चलाई। यह सराहनीय है।
सूकरक्षेत्र संयुक्त विकास मोर्चा ने बांटी मिठाई
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सूकरक्षेत्र संयुक्त विकास मोर्चा के अध्यक्ष भूपेश शर्म ने कहा कि दिवाली से पहले मुख्यमंत्री ने तीर्थस्थल घोषित कर सूकरक्षेत्र वासियों को सौगात दी है। सूकरक्षेत्र संयुक्त विकास मोर्चा के आंदोलन को अमर उजाला ने धार दी और हमेशा तीर्थनगरी की मांग को उठाया। यहां तक की सोरों सूकरक्षेत्र के नाम में सोरों के साथ जी लगाया जो श्रद्धालु पहले से बोलते रहे हैं। संयुक्त विकास मोर्चा मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करता है।