दुनियाभर के 50 हजार प्रवासी पक्षियों को हर साल लुभाने वाला आगरा का सूर सरोवर पक्षी विहार जल्द ही अंतरराष्ट्रीय नक्शे पर नजर आने वाला है। कीठम स्थित 800 हेक्टेयर के जंगल में फैले सूर सरोवर पक्षी विहार का नाम रामसर साइट के लिए तय हो गया है। प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर पर्यावरण मंत्रालय ने सूर सरोवर पक्षी विहार का नाम रामसर कन्वेंशन स्विटजरलैंड भेजा है।
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सूर सरोवर पक्षी विहार आगरा
यूनेस्को की तीन वर्ल्ड हेरिटेज (विश्व विरासत) साइट ताजमहल, किला और फतेहपुर सीकरी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीठम का सूर सरोवर पक्षी विहार रामसर साइट की मान्यता पाने की कतार में है। उत्तर प्रदेश में अब तक केवल एक वेटलैंड (आर्द्रभूमि) को रामसर साइट की मान्यता मिली है। ऊपरी गंगा का बृजघाट से नरौरा तक का 26,270 हेक्टेयर हिस्सा रामसर साइट में शुमार है।
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सूर सरोवर में प्रवासी पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
सूर सरोवर पक्षी विहार को रामसर साइट का दर्जा दिलाने के लिए पर्यावरण मंत्रालय ने ऑफलाइन और ऑनलाइन ब्यौरा रामसर कन्वेंशन, स्विटजरलैंड को भेजा है। राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुरी क्षेत्र प्रोजेक्ट के डीएफओ आनंद कुमार के मुताबिक रामसर साइट के दर्जे के बाद पक्षी विहार की पहचान न केवल अंतरराष्ट्रीय हो जाएगी, बल्कि दुनियाभर के पक्षी प्रेमी और शोधार्थी शोध के लिए आएंगे।
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सूर सरोवर में प्रवासी पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में 13 पक्षी विहार हैं, जिनमें से राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुरी प्रोजेक्ट क्षेत्र में तीन पक्षी विहार आते हैं। आगरा में कीठम का सूर सरोवर पक्षी विहार, मैनपुरी का समान पक्षी विहार और एटा का पटना पक्षी विहार। मार्च में प्रदेश सरकार ने रामसर साइट के दर्जे के आवेदन इन पक्षी विहारों से मांगे थे, जिनमें चंबल सेंक्चुरी प्रोजेक्ट क्षेत्र से तीनों नाम भेजे गए। इसी महीने दिल्ली में पर्यावरण मंत्रालय में पक्षी विहारों के प्रजेंटेशन दिए गए, जिनमें सूर सरोवर पक्षी विहार रामसर साइट के दर्जे के लिए खरा पाया गया।
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सूर सरोवर में प्रवासी पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
क्या है रामसर वेटलैंड साइट
ईरान के शहर रामसर में 1971 में वेटलैंड (आर्द्रभूमि) पर सम्मेलन किया गया। रामसर कन्वेंशन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने से पहले वाइल्ड लाइफ, ईको सिस्टम समेत कई मानकों की जांच की जाती है। 160 देशों ने रामसर कन्वेंशन स्वीकार किया है। देश में 27 और उत्तर प्रदेश में केवल एक रामसर साइट है। ऊपरी गंगा का बृजघाट से नरौरा तक का 26,270 हेक्टेयर हिस्सा रामसर साइट में दर्ज है। रामसर साइट में दर्ज होने से वेटलैंड को मिलने वाले बजट और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में भी बढ़ोतरी होती है।
सूर सरोवर पक्षी विहार में फ्लैमिंगो, पेलिकन, बार हेडेड गूज, शॉवलर, स्पून बिल, कूट, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रेब, ब्लैक टेल्ड गोविट, कॉमन ग्रीन शेंक, ग्रे लेग गूज, नार्दन पिनटेल, कॉमन सैंडपाइपर, कारमोरेंट, स्पॉट बिल्ड डक, कांबो डक, व्हिसलिंग टील, ब्लैक नेक्ड स्टॉर्क की चहचहाहट सुनाई देती है। अक्तूबर से लेकर मार्च तक यहां बड़ी संख्या में पेलिकन और कारमोरेंट की जुगलबंदी नजर आती है। 300 हेक्टेयर में फैली झील के टापुओं पर अंदर की ओर फ्लैमिंगो उड़ान भरते नजर आते हैं।