भालू संरक्षण गृह में खाने का आनंद लेता भालू
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संस्था के सीईओ और सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि 'रंगीला' के रेस्क्यू को आज दो साल हो गए हैं। वो यहां कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों की देखरेख में काफी स्वस्थ हो गया है। उन्होंने भारत में स्लॉथ भालू की आबादी में गिरावट पर चिंता जताई। कहा कि पारंपरिक चीन की दवाइयों में उपयोग के लिए इनके शरीर के अंगों की मांग, भालू के पंजे का सूप और इनके पित्ताशेय की मांग अभी भी है। तस्करी, अवैध शिकार, कम होते जंगल और मानव वन्यजीव संघर्षो से स्लॉथ भालुओं के लिए बहुत गंभीर खतरा है।