उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) (पीसीएस जे) में आगरा की मेधावियों ने भी सफलता अर्जित की है। लॉयर्स कॉलोनी निवासी शुभांगी गुप्ता ने 94वीं रैंक प्राप्त की है। शुभांगी गुप्ता ने तीसरे प्रयास में सफलता अर्जित की। उन्होंने शोफिया गर्ल्स स्कूल, मेरठ से हाईस्कूल और मेरठ पब्लिक गर्ल्स स्कूल से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वर्ष 2010 में क्लैट उत्तीर्ण होने के बाद राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पटियाला से बीएएलएलबी ऑनर्स किया। यहां की वो गोल्ड मेडलिस्ट रहीं।
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शुभांगी गुप्ता ने हासिल की 94वीं रैंक
- फोटो : अमर उजाला
शुभांगी गुप्ता का कहना है कि उनकी सफलता में पिता नीरज कांत राही और माता बबीता गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वो खुद रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई करती थीं। कोचिंग के नोट्स को ठीक से पढ़ती थीं। इस परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए शुभांगी का संदेश है कि जितनी देर पढ़ें, पूरे मन से।
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प्रज्ञा पाराशर ने पीसीएस जे में 258वीं रैंक प्राप्त की
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फतेहपुर सीकरी निवासी प्रज्ञा पाराशर ने पीसीएस जे में 258वीं रैंक प्राप्त की है। पहले प्रयास में ही इनको सफलता मिली है। प्रज्ञा ने अपनी सफलता का श्रेय माता सुनीता पाराशर (पूर्व सभासद), पिता डॉ. अमरनाथ पाराशर (पूर्व प्रधानाचार्य, बजाज राष्ट्रीय इंटर कॉलेज) और कोचिंग के शिक्षक शैलेंद्र को दिया है। प्रज्ञा ने बजाज राष्ट्रीय इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट, सेंट जोंस कॉलेज से वर्ष 2013 में बीकॉम और वर्ष 2016 में आगरा कॉलेज से एलएलबी की है। उन्होंने सफलता का मूलमंत्र परिश्रम को बताया।
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रचना रावत
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शमसाबाद रोड स्थित कहरई गांव निवासी रचना रावत ने पीसीएस जे में 280वीं रैंक प्राप्त की है। उन्होंने पहली बार में यह सफलता पाई है। पिता विनोद रावत सीआरपीएफ में सेकेंड कमांडिंग आफिसर हैं। रचना रावत की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। रचना का कहना है कि लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
दयालबाग की मीनाक्षी बंसल ने विवाह के बाद पीसीएस जे की परीक्षा उत्तीर्ण की है। इनको भी तीसरे प्रयास में सफलता मिली। मीनाक्षी के पति विभांशु अग्रवाल सीनियर साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। मीनाक्षी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से वर्ष 2013 में एलएलबी और वर्ष 2015 में एलएलएम किया। मीनाक्षी का कहना है कि मेहनत करने पर एक न एक दिन सफलता जरूर मिलती है। तैयारी छोड़नी नहीं चाहिए।