जन्माष्टमी नजदीक है। घर-घर उत्सव की तैयारी तेज है। हर कोई अपने तरीके से कान्हा को रिझाएगा। मिट्टी से लेकर चांदी और सोने तक के हिंडोले में बाल गोपाल झूलेंगे। इस बीच कान्हा के भोग पर भी महंगाई की मार पड़ रही है। प्रसाद बनाने में इस्तेमाल होने वाले सभी चीजों के दाम बढ़ गए हैं। उनके शृंगार का सामान व पोशाकें महंगी हो गई हैं। पिछले साल की अपेक्षा डेढ़ से दो गुना तक रेट बढ़ गए हैं। कान्हा का जन्मोत्सव मनाने के लिए बाजार सज गए हैं। दोपहर को गर्मी की मार है, इस कारण देर शाम ही दुकानों पर रौनक नजर आती है। लड्डू गोपाल की मूर्तियों से लेकर सजावट के सामान तक पर महंगाई की मार दिख रही है। पिछले साल दो रुपये प्रति पीस बिकने वाली पतंगी इस बार तीन से चार रुपये तक में बिक रही है।
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दुकान में लड्डू गोपाल के लिए सजे झूले
- फोटो : अमर उजाला
यही हाल लच्छी का है। पिछले साल जहां ढाई मीटर की लच्छी 40-60 रुपये प्रति पीस बिकी थी, इस बार बढ़कर 50 से 75 रुपये तक हो गई है। मूर्तियों पर भी महंगाई है। पिछले साल जन्माष्टमी पर ही कान्हा की प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति 20 रुपये से 250 रुपये तक में उपलब्ध थी लेकिन इस बार 50 रुपये से शुरुआत है। मोरपंखी, माला, हाथ के छोटे कंगन का सेट, बांसुरी (छोटे आकार की) की कीमत भी बढ़ गई है। पहले यह सेट 25 रुपये से शुरू था लेकिन अब 40 रुपये कीमत हो गई है।
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बाजार में पोशाक खरीदतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
पोशाकें भी हो गईं महंगी
पिछले साल तक कान्हा की पोशाकें 15 से 150 रुपये तक मिल जाती थीं लेकिन इस बार तो शुरुआत ही 25 रुपये से है। उनके बैठने का सिंहासन 70 से 150 रुपये के बीच मिल रहा है। दुकानदार मनोज खंडेलवाल ने बताया कि थोक की दुकानों पर भी सामान के रेट बढ़ गए हैं। ड्राई फ्रूट्स के दाम तो आसमान छू रहे हैं। आमद काफी कम है और बाजार में इनकी मांग काफी है। त्योहार के दिनों में यह मांग दस गुना तक बढ़ जाती है।
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श्रीकृष्ण का भोग-प्रसाद
- फोटो : अमर उजाला
कान्हा का भोग
कान्हा के भोग में पांच चीजें जरूर रहती हैं। गृहणी आशा सिंह बताती हैं कि भोग में देसी घी, मेवे व इलायची से तैयार की गई आटे की पंजीरी, माखन-मिश्री, मखाना-पाग, मखाने की खीर और पंचामृत (जिससे लड्डू गोपाल को नहलाया जाता है) शामिल है। भोग मखाना, गरी, चिरौंजी, किशमिश, छुआरा, मेवे और देसी घी से तैयार होता है।
देसी घी के दाम भी बढ़े
दूध, दही और देसी घी के दाम भी बढ़ गए हैं। पिछले साल के 415 रुपये प्रति किलो वाला घी 440 रुपये और 550 रुपये वाला 630 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। दूध के दाम तो हर तीसरे महीने जोर मार रहे हैं। यही स्थिति दही की है। दस से बीस रुपये तक बढ़े हैं। 70 से 80 रुपये प्रति किलो दही बाजार में है।