सावन के चौथे सोमवार को शिव मंदिरों में सुबह से ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। रावली मंदिर के साथ शहर के सभी शिवालयों पर भक्तों की भारी भीड़ नजर आई। पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर पर दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक का क्रम तड़के चार बजे से शुरू हो गया। शिव के भक्त बेलपत्र, धतूरा, शहद, घी, इत्र अर्पित करके बाबा भोलेनाथ का गुणगान किए। महाआरती के साथ ही छप्पन भोग के दर्शन भी होंगे।
रविवार को मंदिर के महंत अजय राजौरिया ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। बाबा पृथ्वीनाथ का भोग लगाकर हर-हर महादेव के जयकारों के बीच आरती की गई। वहीं आज सोमवार तड़के रुद्राभिषेक और मंगला आरती के बाद चार बजे मंदिर के पट दर्शन के लिए खोल दिए गए। इसके बाद भक्तों की ओर से जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक का क्रम शुरू हो गया। शाम पांच बजे, रात आठ बजे आरती की जाएगी। शयन आरती रात 12 बजे की जाएगी, जिसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर में सोमवार शाम के समय छप्पन भोग की झांकी भी सजाई गई।