आगरा जोन के 1.30 लाख अपराधी ऑपरेशन पहचान के तहत तैयार एप और साफ्टवेयर के दायरे में आ गए हैं। मोबाइल पर एक क्लिक पर बीट सिपाही से लेकर पुलिस अधिकारी को अपराधी को पूरा ब्योरा मिल रहा है। आगरा की बात करें तो 25 हजार अपराधियों का ब्योरा फीड किया जा चुका है। एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने एक साल पहले ऑपरेशन पहचान एप तैयार कराया था। इसमें दस साल के दौरान हुए अपराध में शामिल आरोपियों का ब्योरा फीड किया गया है। यह डाटा आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज में अपराध करने वालों का है। इनमें वर्ष 2010 से 15 श्रेणी के अपराध अपहरण, हत्या, लूट, डकैती, चौरी, शराब तस्करी, वाहन चोरी, नकबजनी आदि के अपराधी शामिल हैं। एप की मदद से यह भी पता चल रहा है कि किस इलाके में कितने अपराधी निवास कर रहे हैं, जिससे पुलिस को और अलर्ट किया जा सके। अपराध में पुरानों के साथ ही नए लोग भी आ रहे हैं।