मैनपुरी का प्राचीन श्री भीमसेन महाराज मंदिर का इतिहास तमाम पौराणिक गाथाएं और किंवदंतियां समेटे है। कहा जाता है कि यहां अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने बिठूर जाते समय भगवान भीमसेन की पूजा की थी। महृर्षि मार्कंडेय ने भी भगवान भीमसेन की साधना की थी। यह प्राचीन मंदिर हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे का भी प्रतीक है। मंदिर परिसर में मुस्लिम संत गुलाब खां की मजार आज भी बनी है। सावन के हर सोमवार को हजारों श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा के लिए उमड़ते हैं। मजार पर भी फूल चढ़ाते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार सोमवार को ऐसा नहीं हो सकेगा।