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सेल्स ऑफिसर हत्याकांड: परिजनों ने खुलासे पर उठाए सवाल, पुलिस के लूट एंगल को नकारा, बताई ये वजह

Tue, 10 Aug 2021 12:05 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
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सेल्स ऑफिसर - फोटो : अमर उजाला
आगरा में ऑटो मोबाइल कंपनी के सेल्स ऑफिसर सुनील कुमार शर्मा हत्याकांड के खुलासे पर परिजनों ने सवाल उठाए हैं। भाई संतोष शर्मा का कहना है कि सुनील की हत्या लूट के लिए नहीं, बल्कि रंजिश में की गई है। इसके बावजूद पुलिस ने नामजद आरोपियों को नहीं पकड़ा है। वह जल्द पुलिस अधिकारियों से मिलकर आरोपी अजय सहित अन्य की गिरफ्तारी की मांग करेंगे। दो अगस्त को ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी सुनील कुमार शर्मा लापता हुए थे। उनकी हत्या करके शव को ट्रांसपोर्ट नगर के पास झाड़ियों में पोटली बनाकर फेंका गया था। पुलिस ने रविवार को घटना का खुलासा किया था। शव बरामद होने पर नामजद आरोपी मोना को जेल भेजा था। मोना का पति अजय उर्फ डकैत हाथ नहीं आया है। पुलिस के मुताबिक, उसी ने हत्याकांड को अंजाम दिया।
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हत्या के आरोप में गिरफ्तार महिला - फोटो : अमर उजाला
सुनील के भाई संतोष शर्मा का कहना है कि भाई की हत्या रंजिश में की गई। वर्ष 2018 में मोहल्ले के जयपाल के परिवार से विवाद हुआ था। इसमें दोनों परिवार ने केस दर्ज कराए। पुलिस ने उनके खिलाफ ही कार्रवाई की थी। जयपाल पक्ष को जेल तक नहीं भेजा गया। छह महीने पहले चार्जशीट लगाई। पुलिस ने तब आरोपी परिवार को बचाया था।
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तस्वीरें दिखाता सुनील का परिवार - फोटो : अमर उजाला
संतोष ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश में भाई सुनील को मार डाला गया। मगर, पुलिस सुन नहीं रही है। उन्होंने देवेश, योगेश, जयपाल, अजय और मोना को नामजद किया है। मगर, मोना ही पकड़ी गई। बाकी चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार तक नहीं किया जा रहा है। 

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पुलिस अधिकारी के दफ्तर पर सुनील का परिवार - फोटो : अमर उजाला
अजय की बहन जयपाल के मकान में किराये पर रहती है। जयपाल पक्ष ने ही साजिश की है। उनके पक्ष का एक युवक हाल ही में जेल से छूटकर आया था। उसने जेल से बाहर आते ही फेसबुक पर पोस्ट डाली थी। इसमें अपने विरोधियों को सबक सिखाने के बारे में कहा था, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। अजय का संपर्क युवक से भी था। हत्या रंजिश में कराई गई है, जबकि पुलिस लूट के लिए हत्या साबित करना चाहती है। अगर, लूट हुई तो रकम कहां है। वह जल्द अधिकारियों से मिलकर घटना के सही खुलासे की मांग करेंगे।
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घटना की जानकारी देते एसएसपी मुनिराज जी - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि हत्याकांड में मोना और अजय शामिल थे। रुपयों के लिए हत्या की गई थी। मोना को जेल भेजा गया है। वहीं पुलिस ने लोडिंग टेंपो से पोटली ले जाने वाले सुल्तानगंज पुलिया के लखन को जेल भेजा है। वह अजय को पहले से जानता था।
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