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सेल्स ऑफिसर हत्याकांड: जानिए कौन है अजय उर्फ डकैत, जिसकी तलाश में मध्यप्रदेश तक दबिश दे रही आगरा पुलिस

Wed, 11 Aug 2021 12:05 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
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सेल्स ऑफिसर हत्याकांड में फरार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
सेल्स ऑफिसर सुनील कुमार शर्मा की हत्या के मुख्य आरोपी अजय उर्फ डकैत आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ नहीं आ सका है। जबकि अफसरों का दावा है कि पुलिस की टीमें कई जिलों के अलावा मध्यप्रदेश तक दबिश दे रही है। बता दें कि ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस दो निवासी सुनील कुमार शर्मा की दो अगस्त को हत्या कर दी गई थी। गांधी नगर निवासी मोना की गिरफ्तारी के बाद रविवार को उनका शव ट्रांसपोर्ट नगर के पास झाड़ियों में पोटली में मिला था। पूछताछ में जानकारी हुई थी कि मोना और उसके पति अजय उर्फ डकैत ने सुनील की हत्या की थी। पुलिस ने मोना और लोडिंग टेंपो चालक सुल्तानगंज निवासी लखन को जेल भेजा था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हैं। फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, एटा और मध्यप्रदेश में दबिश दिए जाने का दावा है, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका है। एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। 
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सेल्स ऑफिसर - फोटो : अमर उजाला
आगरा में ऑटो मोबाइल कंपनी के सेल्स ऑफिसर सुनील कुमार शर्मा हत्याकांड के खुलासे पर परिजनों ने सवाल उठाए हैं। भाई संतोष शर्मा का कहना है कि सुनील की हत्या लूट के लिए नहीं, बल्कि रंजिश में की गई है। इसके बावजूद पुलिस ने नामजद आरोपियों को नहीं पकड़ा है। नामजद आरोपी मोना को जेल भेजा था। मोना का पति अजय उर्फ डकैत हाथ नहीं आया है। 
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तस्वीरें दिखाता सुनील का परिवार - फोटो : अमर उजाला
सुनील के भाई संतोष शर्मा का कहना है कि भाई की हत्या रंजिश में की गई। वर्ष 2018 में मोहल्ले के जयपाल के परिवार से विवाद हुआ था। इसमें दोनों परिवार ने केस दर्ज कराए। पुलिस ने उनके खिलाफ ही कार्रवाई की थी। जयपाल पक्ष को जेल तक नहीं भेजा गया। छह महीने पहले चार्जशीट लगाई। पुलिस ने तब आरोपी परिवार को बचाया था।

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गायब सेल्स आफीसर का परिवार - फोटो : अमर उजाला
संतोष ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश में भाई सुनील को मार डाला गया। मगर, पुलिस सुन नहीं रही है। उन्होंने देवेश, योगेश, जयपाल, अजय और मोना को नामजद किया है। मगर, मोना ही पकड़ी गई। बाकी चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार तक नहीं किया जा रहा है। अजय की बहन जयपाल के मकान में किराये पर रहती है। जयपाल पक्ष ने ही साजिश की है। उनके पक्ष का एक युवक हाल ही में जेल से छूटकर आया था। उसने जेल से बाहर आते ही फेसबुक पर पोस्ट डाली थी। इसमें अपने विरोधियों को सबक सिखाने के बारे में कहा था, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। अजय का संपर्क युवक से भी था। हत्या रंजिश में कराई गई है, जबकि पुलिस लूट के लिए हत्या साबित करना चाहती है। अगर, लूट हुई तो रकम कहां है।
 
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हत्या के आरोप में गिरफ्तार महिला - फोटो : अमर उजाला
मामा के पास रहेगी बेटी
मोना और अजय की पांच साल की बेटी है। मां के जेल जाने और पिता के फरार होने के कारण बेटी अकेली हो गई है। मोना ने पुलिस से कहा था कि वह बेटी को जेल नहीं ले जाना चाहती है। उसने अपने भाई को बुलाया था। पांच दिन से बच्ची को थाने पर ही रखा गया था। उसकी देखभाल पुलिसकर्मी कर रहे थे। थाना के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय ने बताया कि बच्ची को उसके मामा के सुपुर्द कर दिया गया है।

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