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यूक्रेन में फंसे आगरा जोन के कई छात्र: माता-पिता ने बच्चों को वापस लाने की सरकार से लगाई गुहार

Thu, 24 Feb 2022 04:17 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, आगरा / मथुरा / कासगंज
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यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ गया है। जिससे यूक्रेन में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। युद्ध के हालात के बीच कई भारतीय छात्र यूक्रेन में फंस गए हैं। इनमें आगरा जोन के कई छात्र-छात्राएं शामिल हैं। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक आगरा के तीन छात्र-छात्राएं यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। मथुरा जिले के तीन छात्र-छात्राएं भी वहीं फंस हुए हैं। कासगंज का एक छात्र और छात्रा वहां पढ़ाई करने गए हैं। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद इन छात्र-छात्राओं के सामने घर वापसी का संकट खड़ा हो गया है। इनके माता-पिता ने भारत सरकार से सभी बच्चों को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।
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बेटे रजत से वीडियो कॉल पर बात करतीं मां मीना - फोटो : अमर उजाला
आगरा के अवधपुरी पुष्पांजलि फेस 3 निवासी मेडिकल छात्र रजत यूक्रेन के एडिशा शहर में है। गुरुवार की सुबह रजत ने वीडियो कॉलिंग के माध्यम से अपनी मां मीना से बात की। रजत की मां मीना ने बताया कि वह 14 फरवरी को ही आगरा से यूक्रेन चला गया था। रजत एडिशा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमडी की पढ़ाई कर रहा है। उनकी मां ने सरकार से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को सुरक्षित वापस ले आए। पिता गुलाब सिंह का कहना है कि बस बेटा वापस आ जाए। भले ही फ्लाइट के लिए कितनी महंगी टिकट मिले। 
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कासगंज का छात्र शोभित और फरवीन - फोटो : अमर उजाला
कासगंज का छात्र शोभित अपने दो साथियों फरवीन और आयशा के साथ गुरुवार को भारत वापस आने के लिए कीव एयरपोर्ट से आ रहे थे, लेकिन कीव और आसपास के इलाकों में बमबारी के बाद कीव में आपातकाल लागू हो गया है। जिससे एयरपोर्ट खाली करा दिया गया है। शोभित के पिता राजकुमार ने बताया कि शोभित हॉस्टल से साढ़े तीन सौ किलोमीटर दूर अपने साथियों के साथ परेशान हो रहा है। यहां उसके परिवार के लोग चिंतित हैं। वह भारत सरकार से छात्रों को सुरक्षित लाने की मांग कर रहे हैं। 

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कासगंज की छात्रा गर्विता माहेश्वरी - फोटो : अमर उजाला
कासगंज की गर्विता माहेश्वरी एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। वह विश्व बैंक कॉलोनी निवासी मनोज माहेश्वरी की पुत्री है। गर्विता इस समय यूक्रेन के विनिसिया में अपने कॉलेज के हॉस्टल में है। गर्विता रूस से युद्ध शुरू होने के बाद से सहमी हुई है। पिता मनोज माहेश्वरी यूक्रेन के हालात को लेकर चिंतित हैं। उन्हें बेटी की चिंता है कि कैसे भारत आएगी। मनोज ने बताया कि अभी विनिसिया शहर में बमबारी शुरू नहीं हुई है, लेकिन खौफ बना हुआ है। भारत सरकार यूक्रेन में फंसे छात्र छात्राओं को वापस लाए।
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छात्रा याशिका सिंह और उनके पिता करन सिंह - फोटो : अमर उजाला
मथुरा के कोसीकलां के आर्य नगर निवासी करन सिंह एडवोकेट की पुत्री याशिका सिंह भी यूक्रेन के एक विश्वविद्यालय में एमबीबीएस कर रही है। दिसंबर 2021 में आगरा, दिल्ली, रोहतक के अपने साथियों के साथ यूक्रेन के खारखिब शहर गई थी। तब हालात सामान्य थे, लेकिन दो महीने बाद ही वहां अचानक हालात बदल गए हैं। गुरुवार की सुबह यूक्रेन में युद्ध की खबर मिलते उसके माता-पिता बेचैन हो गए। वह फोन के माध्यम से लगातार उससे संपर्क बनाए हुए हैं। 
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मथुरा का छात्र योगेश कुशवाहा - फोटो : अमर उजाला
वृंदावन के समीपवर्ती गांव कीकी का नगला निवासी हरिमोहन कुशवाहा का पुत्र योगेश कुशवाहा यूक्रेन के डेनीप्रो शहर की मेडिकल यूनीवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहा है। अमर उजाला से फोन पर बात करते हुए योगेश ने बताया कि रूस  हमले के बाद यूक्रेन में अफरातफरी का माहौल है। पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, खाने पीने के साथ अन्य उपयोगी वस्तुओं के सुपर मार्केट पर दो दो किलोमीटर लाइन लगी हुई है। एयर सिस्टम सीज कर दिए जाने के बाद जल्द भारत आने की उम्मीद भी नहीं हैं। हम लोग भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं, वहां से सुरक्षित निकालने का आश्वासन दिया गया है। 
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छात्र योगेश कुशवाहा - फोटो : अमर उजाला
योगेश कुशवाहा ने बताया कि डेनीप्रो शहर में भी मथुरा के राया निवासी ऋतिक वर्मा और छटीकरा निवासी योगेश पचौरी सहित कई विद्यार्थी के अलावा लगभग भारत के 600 छात्र छात्राएं फंसे हुए हैं, जबकि पूरे यूक्रेन में भारतीयों की संख्या लगभग 15 से 20 हजार होगी। उन्होंने बताया कि गुरुवार की सुबह हमले की जानकारी होने के बाद उनके पिता हरिमोहन और मां राधारानी से बात हुई थी। परिवार के लोग डरे हुए थे। लेकिन उन्होंने बता दिया कि हम सभी भारतीय यहां सुरक्षित हैं। 
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