राधे राधे बरसाने वाली राधे के जय उद्घोषों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो रहा था। श्रद्धालु अपनी आराध्य के जन्म के दर्शनों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। श्रीकृष्ण की आल्हादिनी कृपाशक्ति लाडली राधिका के जन्मोत्सव के अवसर पर श्रीधाम बरसाना में आस्था, उल्लास और भक्ति की त्रिवेणी ऐसी बही कि संसार का सौंदर्य यहां सिमट आया।
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लाडली जी मंदिर में अभिषेक के दर्शन को पहुंचे श्रद्घालु
- फोटो : अमर उजाला
रंग-बिरंगी रोशनियों से समूचा कस्बा जगमग हो उठा। भोर से ठीक पहले जब लाडली जी मंदिर में अभिषेक के दर्शन शुरू हुए तो राधे-राधे के जय घोष के साथ सबके कदम मंदिर की ओर बढ़ चले।
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बरसाना स्थित माता कीर्ति का मंदिर रोशनी से नहाता हुआ
- फोटो : अमर उजाला
लाडली राधिका के जन्मोत्सव के मौके पर बरसाना नगरी को भव्य तरीके से सजाया गया। देर रात तक भक्तों का बरसाना में पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। हर कोई जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए पहुंचा। रात्रि करीब दो बजे गोस्वामी समाज के लोगों ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया और लाडली जी के अवतरित होने से पूर्व उनकी जन्म की बधाई गाई। यह बधाई गायन जन्म तक चला।
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राधारानी के विग्रह का पंचामृत का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
देर रात को करीब दो बजे सेवायत मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश कर गए और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बृषभान नंदनी के मूल शांत किए। मूल शांति के लिए 27 कुओं का जल, 27 पेड़ों की पत्ती, 27 तरह के मेवा, 27 फल, सोने चांदी के मूल मूलनी और तेल से भरा कांसे का छाया पात्र का प्रयोग किया उसके बाद हवन किया गया।
मूल शांति और हवन का कार्यक्रम भोर में करीब 4 बजे तक चला। प्रात करीब पौने पांच बजे लाड़ली जी के विग्रह को मंदिर के जगमोहन में अभिषेक के लिए लाया गया। मंदिर के सेवायतों द्वारा दूध, शहद, घोघृत, बुरा, गुलाबजल, केसर आदि का पंचामृत बना कर अभिषेक किया गया। अभिषेक के दौरान मंदिर में घंटा-घड़ियाल वाद्ययंत्र गुंजायमान हो रहे थे। हर कोई अभिषेक के दर्शनों को लालायित दिखा। सेवायत गोस्वामी रासबिहारी गोस्वामी, संजय गोस्वामी ने अभिषेक कराया।