ब्रज में राधारानी के जन्मोत्सव का उल्लास है। बरसाना के ब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित राधा रानी मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। बरसाना के साथ-साथ अष्ठ सखियों के गांवों में भी लाडली जी के जन्मोत्सव की धूम है। गुरुवार सुबह से ही बरसाना समेत प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। हर तरफ राधे-राधे की गूंज है।
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लाडली जी का श्री विग्रह (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
बृषभान नंदिनी भाद्रपक्ष की शुक्ल अष्टमी को अनुराधा नक्षत्र तथा मूल नक्षत्र में जन्म लेंगी। मूल नक्षत्र में जन्म लेने से राधा रानी की मूल शांति के लिए सेवायत गुरुवार रात दो बजे राधारानी के गर्भग्रह में प्रवेश करेंगे। मूल शांति के लिए 27 कुओं का जल, 27 पेड़ों की पत्ती, 27 तरह की औषधियों, 27 मेवा तथा 27 ब्राह्मण, सोने चांदी की मूल मूलनी और कांस्य के बना तेल के छाया पात्र के साथ हवन आदि होगा।
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राधारानी के विग्रह का पंचामृत का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बलदेव रोड स्थित 12 किमी दूरी पर राधारानी का गांव रावल है। यमुना किनारे बसे गांव रावल में राधारानी का मंदिर है। मंदिर सेवायत ललित मोहन कल्ला व राहुल कल्ला मुखिया ने बताया कि राधाष्टमी पर पांच सितंबर को राधा जी का छटी पूजन होगा। छह को सुबह 4:30 बजे मंगला आरती, पांच बजे जन्म के दर्शन तथा 5:30 बजे 125 किलो पंचामृत से अभिषेक कराया जाएगा। सुबह 8:30 बजे शृंगार के दर्शन तथा दोपहर 12 बजे प्रसाद वितरण होगा और गौड़ीया समाज द्वारा चाव आएगी। सात सितंबर को बाबा रसिका पागल की 12:30 बजे से भजन संध्या होगी।
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राधारानी मंदिर की छत पर संगमरमर की सफेद छतरी
- फोटो : अमर उजाला
राधा के जन्म से पहले गुरुवार शाम नंदगांव से बधाई आएगी। शुक्रवार सुबह बृषभानु दुलारी का अभिषेक होने के बाद विशेषरूप से तैयार पोशाक धारण करेंगी। वैसे तो जिस पोशाक को राधारानी धारण करती है, वो अनमोल हो जाती है। इस अवसर पर राधारानी करीब 50 लाख के आभूषण धारण करेंगी। जन्मोत्सव के मौके पर राधारानी सोना-चांदी जड़ित शीशमहल में विराजमान होकर भक्तों पर कृपा बरसाएंगीं।
प्रिय पीतम की बूढ़ी लीलाओं का कार्यक्रम
5 सितंबर -शाम को राधारानी मंदिर में नंदगाव-बरसाना के गोस्वामियों द्वारा बधाई गायन एवं नंदगांव वालों को बधाई का लड्डू प्रसाद वितरण।
6 सितंबर- प्रात: चार बजे अभिषेक, राधा जन्मोत्सव, नंदगांव-बरसाना के गोस्वामी समाज द्वारा बधाई गायन एवं शाम को सफेद छतरी में श्रीजी के विशेष दर्शन।
7 सितंबर - मयूर कुटी की मयूर नृत्य लीला।
8 सितंबर- विलास गढ़ पर रास लीला और मान मंदिर में मान लीला।
9 सितंबर - सांकरी खोर में ठाकुरजी की चोटी बंधन लीला एवं शाम को गाजीपुर स्थित प्रेम सरोवर में नौका विहार लीला, डोंगा लीला।
10 सितंबर- ऊंचा गांव में स्थित दाऊजी मंदिर श्याम सगाई एवं सखिगिरी पर्वत पर ब्यावला लीला एवं शाम को प्रिया कुंड में नौका विहार, डोंगा लीला।
11 सितंबर - सांकरी खोर में मटकी फोड़ लीला, बूढ़ी लीला एवं शाम को दंगल।
12 सितंबर - कदमखंडी में चीरहरण लीला।
13 सितंबर - राधा बाग में महारास लीला।