क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग के अफसरों ने बुधवार को अवैध रूप से चल रहे स्पा सेंटरों में छापा मारा तो तीन में देह व्यापार होता मिला। पुलिस को साथ लिए बगैर पहुंचे अफसरों ने इसकी सूचना न अफसरों को दी और न ही प्रशासन को। इतना ही नहीं, संचालक रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा पाए, तब भी स्पा सेंटरों पर सील नहीं लगाई।
तीन दिन पहले फतेहाबाद रोड पर पुलिस ने चार स्पा सेंटरों में देह व्यापार पकड़ा था। 19 युवतियां, छह युवक जेल भेजे गए। खुलासा हुआ कि सदर में ऐसे ही 100 स्पा सेंटर चल रहे हैं, जबकि लाइसेंस एक के पास भी नहीं है। इनमें से 50 में देह व्यापार हो रहा है।
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क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग के अफसरों ने अवैध रूप से चल रहे स्पा सेंटरों में छापा मारा
- फोटो : अमर उजाला
पंजीकरण की जांच के लिए आयुष विभाग के अफसर पहुंचे थे। सबसे पहले फतेहाबाद रोड स्थित रीवा स्पा सेंटर पहुंचे। यहां नग्न हालत में युवक-युवती मिले। टीम को देखकर वह छिपने लगे। संचालक से सेंटर का लाइसेंस दिखाने के लिए कहा, लेकिन वह दिखा नहीं सका। यहां से टीम ऑरेंज बॉडी मसाज पहुंची। यहां भी देह व्यापार किया जा रहा था। टीम को देखकर युवक-युवतियां छिपने लगे। इसका संचालक भी लाइसेंस नहीं दिखा पाया।
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स्पा सेंटर पर पहुंची आयुष विभाग की टीम
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टीम स्वाद डी स्पा सेंटर पहुंची। यहां बॉडी मसाज की जा रही थी। लाइसेंस नहीं था। इसको भी टीम ने सील नहीं किया। फतेहाबाद टीडीआई मॉल स्थित फ्रेस्को बॉडी स्पा और हर्बल हनी बॉडी स्पा सेंटर बंद मिले।
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स्पा सेंटर
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हमारा काम निरीक्षण का, सील पुलिस लगाए सवाल: स्पा सेंटरों पर देह व्यापार होते देखकर भी आप लौट आए, इनको सील क्यों नहीं किया। जवाब: हां यह सही है कि रीवा स्पा सेंटर में युवक-युवती नग्न हाल में मिले। संचालक पंजीकरण भी नहीं दिखा पाया। लेकिन, सील करने का जिम्मा पुलिस और प्रशासन का है। सवाल: पुलिस और प्रशासन का जिम्मा है तो आप निरीक्षण करने क्यों गए, पुलिस-प्रशासन को साथ क्यों नहीं लिया। जवाब: प्रशासन से निर्देश मिले थे कि निरीक्षण कर आख्या दीजिए, इसकी रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। (डॉ. जेके राणा, क्षेत्रीय अधिकारी, आयुर्वेद एवं यूनानी से बातचीत)
पुलिस के छापे के बाद बंद स्पा सेंटर
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सदर के 50 स्पा सेंटरों में देह व्यापार होने की जानकारी मिल जाने के बाद भी पुलिस के अभियान पर ब्रेक लग गया। बुधवार को एक भी सेंटर पर पुलिस नहीं पहुंची। मंगलवार को अफसर कह रहे थे कि यह बड़ा अभियान है। छह महीने पहले भी यही हुआ था। तब तीन सेंटर पकड़े गए थे। अब फिर से वही कहानी दोहराई जा रही है। सिकंदरा के दागी होटलों में भी पुलिस ऐसी ही कार्रवाई करती है। चार-छह महीने में दो-तीन पर छापे मार देती है और फिर चुप बैठ जाती है। यह हाल तब है जबकि एक बार भी छापा मारना बेकार नहीं गया है। जहां पुलिस पहुंची है, वहीं देह व्यापार होता मिला है।