अभी तक जहां महिला की मौत के मामले में पुलिस प्रताड़ना का आरोप लगाया जा रहा था, तो वहीं इस मामले में जिलाधिकारी और एसएसपी ने पत्रकार वार्ता मौत की वजह स्पष्ट करने का प्रयास किया है।
विज्ञापन
1 of 7
प्रेसवार्ता के दौरान डीएम और एसएसपी, शारदा देवी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद के पचोखरा थाना क्षेत्र के गांव इमलिया नगलादल निवासी शारदा देवी की हत्या की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं हो सकी। शारदा देवी की मौत का कारण उसके फेफड़ों में मवाद पड़ना बताया गया है। यह बात जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार और एसएसपी आशीष तिवारी ने सोमवार को एसपी सिटी कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। एसएसपी बोले कि फौरन सिंह द्वारा दर्ज कराए गए हत्या के मुकदमे की जांच भी कराई जा रही है। जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। बता दें गांव इमलिया नगला दल निवासी शनिवार रात करीब 12 बजे दलित महिला शारदा देवी की मौत हो गई थी। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी। यहां पीड़ित परिजन ने पचोखरा पुलिस और कैलाश उपाध्याय व उसके पुत्रों पर हत्या करने का आरोप लगाया था। ये मामला दलित महिला से जुड़ा था। इस कारण पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी अलर्ट हो गए। मृत महिला शारदा देवी के पति फौरन सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शारदा देवी की हत्या की पुष्टि नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
2 of 7
एसपी सिटी कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान जिलाधिकारी व एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी ने बताया कि शारदा देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़े में मवाद पड़ने से मौत की बात सामने आई है। एसएसपी ने बताया कि फौरन सिंह की तहरीर पर जिन लोगों के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उनमें एक आरोपी के मोबाइल फोन की लोकेशन शनिवार रात को जसराना थाना क्षेत्र के गांव बरौली में मिली है। इस बिंदु पर भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
विज्ञापन
3 of 7
मृतक महिला के परिवार की महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
एकाएक कैसे हो गई शारदा देवी की मौत?
शारदा देवी की मौत की वजह प्रशासन ने बीमारी बताई है। बावजूद इसके कई सवाल ऐसे हैं जिनके उत्तर प्रशासन ने नहीं दिए हैं। आम लोगों को प्रशासन की बात गले नहीं उतर रही। वहीं परिजन का आरोप है कि शारदा देवी की तबीयत इतनी खराब नहीं थीं कि एकाएक उसकी मौत हो जाती। शारदा देवी के परिजन की संतुष्टि के लिए पुलिस ने पुलिस टीम व अन्य पांच लोगों पर भले ही नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया हो, लेकिन इसके बाद भी सोमवार को भी पीड़ित परिवार अपने आरोपों पर अडिग रहा।
4 of 7
मृतका के घर पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
रात में क्यों आई पुलिस
पीड़ित परिवार के सदस्यों का कहना है कि तस्दीक के दौरान आखिर पचोखरा पुलिस आरोपी पक्ष को जेल से छूटकर आए उनके पुत्रों जितेंद्र, राहुल और आनंद के बारे में जानकारी करने के लिए रात करीब 12 बजे ही घर क्यों आई। इस बाबत अभी कोई उत्तर प्रशासन ने नहीं दिया है। आखिर पुलिस की तस्दीक के दौरान जब शारदा देवी के घर पहुंची थी, तब उनके साथ कैलाश उपाध्याय और उनके पुत्र थे अथवा नहीं। एसपी सिटी मुकेश चंद्र मिश्र का कहना है कि पचोखरा पुलिस जेल से छूटकर आए लोगों की जांच करने के लिए शारदा देवी के घर गई थी। उस वक्त कैलाश उपाध्याय और उनके पुत्र थे अथवा नहीं। इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होगा। जांच में अभी वक्त लगेगा।
विज्ञापन
5 of 7
अस्पताल परिसर में खड़े मृतका के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पचोखरा पुलिस ने सुनी होती गुहार तो नहीं जाती शारदा की जान
करीब दो माह पूर्व हुए झगड़े के बाद पचोखरा पुलिस निष्पक्ष रूप से दोनों पक्षों की बात सुनी होती तो शायद शारदा देवी आज जिंदा होतीं। न्याय के लिए पीड़ित दर-दर भटकते रहे। शारदा की मौत के बाद पचोखरा पुलिस ने न्यायालय द्वारा पूर्व में दिए आदेश पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया गया है कि पचोखरा क्षेत्र के गांव इमलिया नगला दल निवासी शारदा देवी के पुत्र लायक सिंह, जितेंद्र, राहुल और आंनद से गांव के ही कैलाश उपाध्याय और उनके पुत्रों से आलू खुदाई की रकम को लेकर विवाद के बाद मारपीट हुई थी। पुलिस ने घायलों का डाक्टरी परीक्षण कराने के साथ ही कैलाश उपाध्याय पक्ष की ओर से दी गई तहरीर पर शारदा देवी के पुत्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा।
विज्ञापन
6 of 7
वृद्धा के घर का फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने नहीं की थी कार्रवाई
वहीं शारदा देवी पक्ष की तरफ से कैलाश उपाध्याय और उनके पुत्रों पर मारपीट व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई, इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पीड़ित जब कोर्ट गए तब वहां से केस दर्ज करने का आदेश हुआ तब भी पुलिस मुकदमा दर्ज करने से बचने का प्रयास करती रही। शनिवार रात शारदा देवी की मौत के बाद पचोखरा पुलिस ने कैलाश उपाध्याय, शिवकांत और दीपक तथा आशू के खिलाफ मारपीट और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने का मुकदमा दर्ज किया। एसपी सिटी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर कैलाश उपाध्याय और उनके पुत्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
मृतका के घर पर तैनात पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
दूसरे दिन भी गांव में तैनात रहा फोर्स
शारदा देवी के शव का रविवार शाम को अंतिम संस्कार हो गया। इसके बाद भी सोमवार को सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल के साथ पीएसी तैनात रही। गांव में पुलिस बल तैनात होने के कारण गांव में सन्नाटा पसरा रहा।