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बस हादसा: अपनों की मौत के गम में डूबे परिजनों को 'सरकारी सिस्टम' ने भी किया दुखी

Wed, 10 Jul 2019 12:24 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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रोते-बिलखते मृतकों के परिजन - फोटो : अमर उजाला
आगरा में सोमवार को यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए बस हादसे में अपनों की मौत के गम में डूबे परिजनों को सरकारी सिस्टम ने भी दुखी कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस में शवों को रखने के लिए न तो एसी ताबूत था और न ही बर्फ का कोई इंतजाम था। लाशों को दो कमरों में फर्श पर रख दिया गया। नौ घंटे तक शवों की बेकदरी होती रही। यह देखकर परिजन भड़क गए। उन्होंने अपनी शिकायत जनप्रतिनिधियों से की। इसके बाद डीएम ने आकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई।
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एकत्र लोग - फोटो : अमर उजाला
यमुना एक्सप्रेस वे पर हादसे में 29 लोगों की मौत के बाद शवों को सुबह छह बजे से आठ बजे के बीच पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया था। सुबह नौ बजे से ही मृतकों के परिजन आने लगे थे। मगर, पोस्टमार्टम के लिए कागजी कार्रवाई और पहचान के लिए परिजन इंतजार करते रहे। कई परिजन भटकते भी रहे। 
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर डीएम, सांसद, सीएमओ - फोटो : अमर उजाला
शवों को देखने के लिए लोग पोस्टमार्टम गृह के अंदर गए तो हक्के-बक्के रहे गए। लोगों का कहना था कि शवों को दो कमरों में फर्श पर रख दिया गया। उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बर्फ तक का इंतजाम नहीं था। एसी ताबूत में लाशों को नहीं रखा गया। इस पर लोगों ने हंगामा कर दिया। कुछ लोगों ने सांसद एसपी सिंह बघेल को भी जानकारी दी। इसके बाद शाम पौने पांच बजे डीएम एनजी रवि कुमार पोस्टमार्टम गृह पहुंचे। 

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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पुलिस और पीड़ित परिजन - फोटो : अमर उजाला
डीएम ने मृतकों के परिवारीजनों से बातचीत की। सभी का कहना था कि उन्हें जल्द से जल्द शव सौंप दिए जाएं। इस पर डीएम ने सीएमओ को बुलाकर बातचीत की। इसके बाद शाम पांच बजे से पोस्टमार्टम शुरू हुए। मृतक अविनाश का पोस्टमार्टम सबसे पहले किया गया। शाम छह बजे उसके शव को ले जाया गया। 
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
सीएमओ डा. मुकेश वत्स ने बतया कि पोस्टमार्टम के लिए आठ-आठ घंटे के लिए तीन टीमें बना दी थीं। प्रत्येक टीम में तीन-तीन चिकित्सक थे। पहली टीम की ड्यूटी सुबह आठ बजे से लगा दी थी। लेकिन पुलिस ने पंचनामा नहीं भरे, जिससे पोस्टमार्टम शुरू नहीं हो पाया। परिजनों के हंगामा के बाद पंचनामा भरवाए गए, फिर शाम के लगभग पांच बजे पोस्टमार्टम शुरू हुए।
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