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भ्रूण लिंग परीक्षण प्रकरण: नर्स सरिता के मोबाइल से खुलेंगे कई राज, पुलिस खंगालेगी कॉल डिटेल

Tue, 23 Mar 2021 12:05 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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भ्रूण लिंग परीक्षण प्रकरण: आरोपी नर्स सरिता - फोटो : अमर उजाला
आगरा में यमुनापार इलाके से भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गैंग की सरगना हॉस्पिटल की नर्स सरिता और उसके साथी धीरज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस एजेंटों की तलाश में लगी है। सरिया के पास से चार मोबाइल और धीरज के पास से एक मोबाइल मिला था। अब पुलिस पांचों मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाएगी, जिससे एजेंटों के नाम पता किए जा सकें। वहीं सरिता को शरण देने वाले डॉक्टर सहित मुरैना के पंकज की तलाश की जा रही है।
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भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोपी (जमीन पर बैठे हुए) - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ ने शनिवार शाम को अछनेरा के रैपुरा अहीर और ट्रांस यमुना कॉलोनी से भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गैंग की सरगना नर्स सरिता, धीरज के अलावा योगेंद्र उर्फ बनिया, योगेंद्र, बंटी, रंजीत, भरत सिंह को गिरफ्तार किया था। वहीं अछनेरा निवासी भरत को भी पकड़ा था। वह गर्भवती पत्नी का भ्रूण लिंग परीक्षण करा रहा था। आरोपियों को रविवार को जेल भेजा गया था। 
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भ्रूण लिंग परीक्षण प्रकरण - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आरोपी सरिता से चार मोबाइल बरामद किए थे। इनमें एक आईफोन भी शामिल था। एक फोन धीरज के पास मिला था। एसटीएफ के निरीक्षक हुुकुम सिंह के मुताबिक, सरिता और धीरज का संपर्क कई एजेंट से था। यह एजेंट ज्यादातर देहात के इलाकों में होते थे। वहां से महिलाओं से सौदा करते थे। इसके बाद सरिता और धीरज को बुलाते थे। एजेंट कमीशन लेते थे। 

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कार्रवाई करती एसटीएफ और पुलिस टीम, जमीन पर बैठे आरोपी - फोटो : अमर उजाला
अब सरिता और धीरज के मोबाइलों की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। यह देखा जा रहा है कि वह किन लोगों के संपर्क में थे। इसके बाद अन्य आरोपियों के बारे में पता चलेगा। वहीं फरार आरोपी डॉक्टर राजीव कुमार और मुरैना के पंकज की तलाश की जा रही है। दोनों फरार हो गए हैं। राजीव कुमार के घर में ही नर्स रह रही थी।
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भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह की मास्टरमाइंड सरिता को पकड़कर ले जाती महिला पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
लक्ष्मी-गणेश, नंबर 6 और 9 रहते थे कोड वर्ड 
भ्रूण लिंग जांच के मामले में बीते पांच साल में छह चिकित्सक और चार झोलाछाप पकड़ में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह बेटा-बेटी बताने के लिए लक्ष्मी-गणेश और नंबर 6 और का इस्तेमाल करते थे। 

लक्ष्मी-गणेश : भ्रूण लिंग जांच में शामिल डॉक्टर गर्भ में बेटा है बेटी, इसकी जानकारी देने के लिए  लक्ष्मी-गणेश कोड वर्ड का इस्तेमाल करते थे। बेटी पर लक्ष्मी और बेटा पर गणेश बोलते। 

नंबर 9 और 6: भ्रूण लिंग जांच के लिए कोड वर्ड के लिए नंबर 6 और 9 का इस्तेमाल करते थे। भ्रूण में बेटी होने पर फार्म पर 9 लिखते, इसका मतलब गर्ल के जी अल्फावेट था, लड़का होने पर नंबर 6 जिसका मतलब ब्वाय का बी अल्फाबेट था।
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भ्रूण लिंग परीक्षण: प्रिया हॉस्पिटल के संचालक पर भी आरोप - फोटो : अमर उजाला
अब तक पकड़े मामले
- 2014: सदर क्षेत्र में आईएमए पदाधिकारी को राजस्थान पुलिस ने भ्रूण लिंग जांच में पकड़ा।
- 2015: नालबंद चौराहे पर अल्ट्रासाउंड सेंटर पर डॉक्टर को भ्रूण लिंग जांच में पकड़ा, मुकदमा। 
- 2016: ट्रांसयमुना कॉलोनी के चिकित्सक को भ्रूण लिंग जांच करते पकड़ा, मशीन की सील।  
- 2017: संजय प्लेस स्थित क्लीनिक चिकित्सक के यहां भ्रूण लिंग और फॉर्म पर कोड वर्ड मिले।
- 2018: यमुनापार में चिकित्सक दंपति को राजस्थान पुलिस ने पकड़ा, एजेंट भी पकड़ा गया था।
- 2019: मथुरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डमी गर्भवती महिला के जरिये स्टिंग कराके डाक्टर पकड़ा।  

यह झोलाछाप पकड़े
2017: टेढ़ी बगिया से रुकसाना पकड़ी, इसके घर से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी बरामद हुई।
2018: फतेहाबाद में चमकलाल झोलाछाप पकड़ा, ट्रांसयमुना में भी यही क्लीनिक चलाता था।
2019: रामबाग चौराहा स्थित अस्पताल में एजेंट ज्योति को पकड़ा, यह गर्भवती महिला को बुलाकर लाई थी। 
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