आगरा से 140 किमी दूर बुलंदशहर के पालड़ा फॉल से अमृत जैसा गंगाजल आगरा पाइपलाइन के जरिए आ रहा है। दो साल पहले सिकंदरा प्लांट तक गंगाजल पहुंचा, लेकिन अब भी आधा शहर गंगाजल के लिए तरस रहा है। शहर की 20 लाख में से केवल 10-11 लाख आबादी ही गंगाजल का उपयोग कर रही है। बाकी शहर में पानी के लिए लोग भूगर्भ जल पर निर्भर हैं। गंगाजल आने से पहले ही 2018 में 34 कॉलोनियों में गंगाजल के लिए पाइपलाइन बिछा दी गई थी, लेकिन उन कॉलोनियों में पानी अब तक नहीं पहुंचा।
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आगरा में पहले ऐसा आता था गंगाजल
- फोटो : अमर उजाला
एक से तीन मीटर गिर रहा भूगर्भ जलस्तर
आगरा जिले में 990.703 वर्ग हेक्टेयर क्षेत्रफल में 3687 तालाब हैं, जिनमें से 2825 तालाबों पर गंभीर संकट खड़ा हुआ है और 59 तालाबों का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। बीआरडीएस संस्था के अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह ने बताया कि तालाबों के खत्म हो जाने से भूगर्भ जल स्तर में एक से तीन मीटर की गिरावट हर साल हो रही है। पांच हजार आरओ प्लांट और तीन लाख सबमर्सिबल पंप से पानी का दोहन हो रहा है, लेकिन रेन वाटर हार्वेस्टिंग के जरिए पानी जमीन में नहीं पहुंचाया जा रहा।
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गंगाजल का प्लांट
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आगरा की सूखी नदियों में पानी बहे तो कुछ हालात सुधरें
डॉ. केपी सिंह ने बताया कि आगरा जनपद में सात मुख्य नदियों का जाल बिछा हुआ है जिनमें केवल चंबल नदी में ही पानी रहता है लेकिन यमुना नाले की तरह बहती है इसके अतिरिक्त पार्वती, खारी, उटंगन, वाणगंगा और किवाड़ नदियों का अस्तित्व पूर्णत: खतरे में है। अगर इन नदियों की खोदाई कर इनमें पानी छोड़ा जाए तो आगरा के भूगर्भीय जल स्तर को गिरने से रोका जा सकता है। जिले के 15 में से जैतपुर व पिनाहट ब्लॉक को छोड़ 13 ब्लाक डार्क अथवा क्रिटिकल जोन में हैं। यमुना नदी में 61 नालों से 216 एमएलडी सीवेज बिना ट्रीटमेंट गिर रहा है।
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यमुनापार क्षेत्र में पहुंचा गंगाजल
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चारों ओर से पानी से घिरा फिर भी प्यासा आगरा
जलाधिकार फाउंडेशन द्वारा केंद्रीय पादुका प्रशिक्षण संस्थान (सीएफटीआई) शास्त्रीपुरम के सभागार में पोस्टर प्रजेंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें आगरा में पानी की उपलब्धता होने पर भी वितरण व्यवस्था बदहाल होने पर चर्चा हुई।
वितरण व्यवस्था जर्जर
गंगाजल आ चुका है, लेकिन वितरण व्यवस्था जर्जर है। हमने नई पाइपलाइन बिछाने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की है। नल से जल योजना को गंभीरता से पूरा कराएंगे। कोशिश है कि दो साल में पूरे नगर निगम क्षेत्र में घर घर में गंगाजल पहुंच जाए। - नवीन जैन, मेयर
गंगाजल योजना का निरीक्षण करते विधायक योगेंद्र उपाध्याय (फाइल फोटो)
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नए साल से 80 हजार और घरों को पानी
अवधपुरी, गढ़ी भदौरिया, आवास विकास बोदला समेत बड़े इलाके में नए साल पर पानी मिलना शुरू हो जाएगा। 80 हजार और घरों को पानी मिलना शुरू हो जाएगा। गंगाजल की वितरण व्यवस्था बेहद खराब है, जिस वजह से पर्याप्त पानी होने पर भी परेशानी है। - योगेंद्र उपाध्याय, विधायक