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सिपाही हत्याकांडः दो साल पहले लगी नौकरी, एक साल पहले हुई शादी, खनन करने वालों ने उजाड़ दी दुनिया

Tue, 10 Nov 2020 12:14 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सिपाही की अंतिम विदाई में पुलिस अफसर और बेसुध पत्नी को सहारा देतीं पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से अलीगढ़ के जट्टारी स्थित गांव फाजिलपुर निवासी सोनू कुमार चौधरी वर्ष 2018 बैच के सिपाही थी। उनके पिता विनोद कुमार चौधरी किसान थे। परिजनों ने बताया कि सात महीने पहले सोनू के पिता की बीमारी से मौत हो गई थी। परिवार में सोनू का छोटा भाई नवनीत है। वह सेना में है। सोनू की शादी आठ मई 2019 को खुर्जा, बुलंदशहर की प्रिया से हुई थी। सोनू की पुलिस लाइन से ही थाना सैंया में ड्यूटी लगी थी। पत्नी प्रिया भी साथ रह रही थी। पति के साथ हुई घटना की जानकारी से प्रिया बेसुध हो गई। उसे किसी तरह परिवार के लोगों ने संभाला। वहीं गांव में मौत की खबर से मातम छा गया।
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मृतक सोनू चौधरी के परिजनों को सांत्वना देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने बताया कि पिता की मौत के बाद सोनू ही परिवार के मुखिया थे। घर के सभी निर्णय वो ही लेते थे। सूचना पर दोपहर में परिजन आए। पोस्टमार्टम के बाद सिपाही के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन लाया गया। यहां पर अंतिम विदाई दी गई। सलामी के बाद पार्थिव शरीर को परिजन गांव में ले गए। 
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मृतक सिपाही सोनू चौधरी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि थाना खेरागढ़ के गांव सोन के बड़ा नगला में बालू खनन माफिया के गुर्गों ने सोमवार की सुबह ट्रैक्टर से कुचलकर थाना सैंया में तैनात सिपाही सोनू चौधरी की हत्या कर दी। पुलिस ने छह अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस राजस्थान में लगातार दबिश दे रही है।

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मृतक सिपाही सोनू चौधरी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
सोनू की कार्यशौली से प्रभावित थे लोग
सिपाही सोनू चौधरी करीब एक साल से थाना सैंया में तैनात था। जिसकी कार्यशैली की स्थानीय लोग भी सराहना करते मिले। लोगों ने बताया कि सोनू ने लॉकडाउन में घर घर जा कर लोगों की सहायता की थी।
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मृतक सिपाही सोनू चौधरी का फाइल फोटो और मौके पर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
दो साल पहले भी किया गया था हमला
25 सितंबर 2018 को ग्राम गढ़सान में भी बालूभरी ट्रैक्टर ट्रॉलियां रोकने पर सिपाहियों को ट्रैक्टर कुचलने की कोशिश की गई थी। उन पर गोलियां भी दागी गई थी। तब पुलिस ने पांच ट्रैक्टरों को कब्जे में लेकर 3 नामजद सहित 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। 
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