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व्यापारियों पर ई-मेल हैकर्स का अटैक, बचने के तरीके सिर्फ ये

Fri, 07 Jul 2017 06:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला
साइबर अपराधी पिछले कुछ समय में ई-मेल हैक कर कई खातों से रकम उड़ाने की वारदात कर चुके हैं। ताजनगरी के कारोबारी इनके शिकार हुए हैं। ऐसे में जरूरी हो गया है सावधान रहना। अगर साइबर एक्सपर्ट की सलाह पर अमल किया जाए तो ई-मेल हैकिंग से बचना बहुत मुश्किल नहीं है। जानिए कैसे...
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aserf
साइबर अपराधी तीन तरह के अपराध कर रहे हैं। विशिंग यानी फोन पर मोबाइल टावर लगाने के बदले लाखों देने जैसे लालच देकर ठगना। फिशिंग यानी हैकिंग और स्पूफिंग से जाल बिछाकर शिकार फंसाना और इस्मिसिंग यानी एसएमएस से लालच देकर ठगना। इनमें पिछले दिनों में फिशिंग काफी हुई है। अगर आप इंटरनेट का इस्तेमाल सावधानी से करते हैं तो हैकिंग और स्पूफिंग दोनों से बचा जा सकता है। अगली स्लाइड में पढ़ें ईमेल स्पूफिंग के बारे में...
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Hacker
रेंज साइबर सेल के प्रभारी संजीव कटियार बताते हैं कि ई-मेल स्पूफिंग ज्यादातर व्यापारियों के साथ होती है। अपराधी उनकी ई-मेल आईडी हैक करके उसमें फिल्टर लगाकर मिडिएटर (मध्यस्थ) का कार्य करते हैं। प्रॉक्सी सर्वर से उसी मेल आईडी से मेल प्रेषित करते हैं। इसमें खाता संख्या बदल देते हैं और जो व्यापारी किसी और के खाते में रकम भेजता है, वह अपराधी के खाते में चला जाता है। 

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Hacker
इसके लिए जरूरी है कि लेन देन में इस्तेमाल खातों का विवरण रखा जाए। अगर किसी मेल में इनसे इतर खाता मिले तो कैश ट्रांजेक्शन से पहले संबंधित व्यक्ति से फोन पर बात जरूर कर लें। साफ हो जाएगा कि उसने नया खाता दिया है या यह साइबर अपराधी की करतूत है। ऐसे बचें कॉल स्पूफिंग से...
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hack
कॉल स्पूफिंग में आपके मोबाइल की स्क्रीन पर जो नंबर नजर आता है, वह आपके किसी परिचित का हो सकता है। अगर आपसे किसी खाते में पैसा जमा कराने या मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए कहा जाता है, तो एक बार कॉल बैक कर लीजिए। अगर स्पूफ कॉल होगी तो कॉल नहीं हो पाएगी। पढ़िए आगे... लालच में आओगे, तो फंस जाओगे
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हैक
आपकी ई-मेल आईडी पर स्पैम या जंक फोल्डर से मेल प्राप्त होता है, तो उसे ओपन नहीं करना चाहिए। मेल में लॉटरी निकलने की बात हो, ज्यादा सेलेरी की जॉब की बात हो या शादी कराने जैसी बात तो, उसे भी नहीं खोलना चाहिए। जिसने लालच किया, वह फंसा। इन मेल को ओपन करते ही एक फार्म खुलता है। इसमें नाम, पता, ई-मेल आईडी जैसी सूचना देनी होती हैं। साथ ही एक खाते में धनराशि जमा कर ली जाती है। पैसा जमा होते ही, निकाल लिया जाता है। आगे हैकर्स से बचने के पांच तरीके...
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hack
1. ओरिजिनल विंडो एवं ओरिजिनल एंटी वायरस का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। इसे समय-समय पर अपडेट करते रहें।
2. कंप्यूटर, लैपटॉप में किसी अनजान की पेन ड्राइव न लगाएं, कुछ भी डाउनलोड करने से पहले वेबसाइट को चेक कर लें।
3. इंटरनेट, वाई-फाई का एक्सपर्ट से समय-समय पर ऑडिट कराते रहें, ताकि आपको पता रहे कि आपका नेट कौन कौन इस्तेमाल कर रहा है।
4. कोई वेबसाइट खोलनी है, तो ब्राउजर पर जाकर टाइप करके एक्सेस करें, लिंक पर सीधे भूलकर भी क्लिक न करें।
5. फ्री वाई फाई और इंटरनेट का प्रयोग करने से बचें, अपने वाई-फाई और इंटरनेट को पासवर्ड से सुरक्षित रखें।


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