मुंशी प्रेमचंद की कहानी पूस की रात में गरीब हलकू की तरह ताजनगरी में न जाने कितने हलकू फुटपाथ के किनारे सर्द रातें आसमान के नीचे गुजारने को मजबूर हैं। कोई मजदूरी करके रात में रोजाना फुटपाथ पर आकर लेटता है तो कोई काम की तलाश में बाहर से आया। अमर उजाला टीम ने आईएसबीटी, नगर निगम, हरी पर्वत, आगरा कॉलेज, सेंट जोंस कॉलेज, राजा मंडी, ईदगाह रोडवेज बस अड्डा समेत शहर के मुख्य मार्गों पर देखा तो शेल्टर होम के बाद भी फुटपाथों पर सर्द रात में लोग ठिठुरते हुए रात काटते मिले। न इनके लिए अलाव के इंतजाम थे, न ही रैन बसेरों में रहने की जगह। रैन बसेरों में आधार कार्ड या पहचान पत्र जरूरी है, जो इनके पास है नहीं। वहीं, नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त अनुपम शुक्ला का दावा है कि शनिवार रात सूरसदन से प्रतापपुरा चौराहे तक 13 लोगों को लोहामंडी शेल्टर होम पहुंचाया, लेकिन फुटपाथ पर देर रात लोग सोते नजर आए।
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आईएसबीटी पर रात गुजारते लोग
- फोटो : अमर उजाला
जगह- आईएसबीटी फुटपाथः वक्त-रात 9.30 बजे
सर्द रात में खुले आसमान के नीचे कंबल में बादाम सिंह सिकुड़े लेटे थे। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में पिछोर तहसील का नया गांव के रहने वाले हैं। बोले- रैन बसेरा वाले आधार कार्ड मांगते हैं। उनके पास है नहीं। रात काटनी थी, इसलिए यहीं सो गए।
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एमजी रोड हरीपर्वत पर रात गुजारते लोग
- फोटो : अमर उजाला
जगह- एमजी रोड हरीपर्वत: वक्त- रात 11 बजे
फुटपाथ पर लेटी देवी अपनी मित्र के साथ मिलीं। बोलीं- रात में लोग कंबल या अन्य चीजें बांटने आते हैं। उन्हें लेने के लिए ही रात में फुटपाथ पर आकर बैठती हैं। देर रात चली जाती हैं। गरीबी है। गरम कपड़े खरीदने को पैसे नहीं।
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फुटपाथ पर सो रहा व्यक्ति
- फोटो : अमर उजाला
स्थान- सेंट सेंट कॉलेज फुटपाथ: वक्त-रात 11.30 बजे
हनुमान मंदिर के पास 5 लोग सोते मिले, पूछा तो कंबल और ओढ़ लिया। बोले कि नेकी की दीवार पर पुराने कपड़े ले आते हैं। रात में लोग कंबल और कपड़े बांटने आते हैं। कैमरे का फ्लैश पड़ते ही भाग खड़े हुए। बोले- फोटो मत खींचो। नहीं तो उनकी मुफलिसी का मजाक बनेगा
स्थान- राजा की मंडी: वक्त-रात 12 बजे
4 में से एक के पास कंबल नहीं था। पॉलीथीन ओढ़कर सो रहे व्यक्ति से पूछा तो जवाब न दिया। साथी ने बताया कि कल कंबल था, रात में कोई चुरा ले गया। पॉलीथिन लपेटकर ही रात काटनी पड़ेगी। शेल्टर होम जाने पर आधार कार्ड मांगते हैं, वह है नहीं।