सुलहकुल की रीत पर चलने वाली ताजनगरी अमन में मगन रही। शहर अपनी रौ में आगे बढ़ा। पड़ोस के फिरोजाबाद में पिछले जुमा पर हुए झगड़े से अतिरिक्त चौकसी बरत रहे अफसरों ने भी दोपहर बाद यही कहा, शुक्र है... यहां चिंता की कोई बात नहीं। कड़े पहरे में हुई साल के आखिरी जुमे की नमाज में अमन की दुआ मांगी गई। जामा मस्जिद से निकले एक बुजुर्ग ने एसपी पश्चिमी रवि कुमार से कहा कि टेंशन न लीजिए साहब, यहां इतनी फोर्स की जरूरत ही नहीं है।
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जामा मस्जिद के पास बाजार में रौनक
- फोटो : अमर उजाला
यूं तो शहर में 108 स्थानों पर फोर्स तैनात की गई थी, लेकिन सबसे ज्यादा चौकसी मंटोला, सदर भट्टी, मीरा हुसैनी और जामा मस्जिद पर रही। जामा मस्जिद पर नमाज शुरू होने से पहले ही पुलिस और प्रशासन के अफसर पहुंच गए थे। अश्वरोही दल, एलआईयू, महिला पुलिस की टीम पहुंच गई थी।
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नमाज अदा करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
जैसे जैसे नमाजी आते गए, वैसे वैसे पुलिस की मुस्तैदी बढ़ती गई, लेकिन नमाजियों पर इसका कोई असर नहीं था। वे सुकून से आए और नमाज अदा कर आराम से गए। समाजसेवियों ने मस्जिद के गेट के ठीक सामने चाय वितरण की व्यवस्था की थी। गेट पर ही मौअज्जिज लोग खड़े थे, यह इत्मिनान दिलाने के लिए कि यहां सब खैरियत रहेगी, हुआ भी यही।
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बाजारों में रही रौनक
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी पश्चिम रवि कुमार, सीओ छत्ता उदयराज सिंह मुस्लिम समाज के प्रमुख लोगों से लगातार संपर्क बनाए हुए थे। ये लोग नमाज के बाद बोले, देखा हमने कहा था न कि यहां अमन रहेगा। दोपहर में नमाज संपन्न होने के बाद लोगों को इकट्ठा नहीं होने दिया गया। उन्हें तुरंत घर जाने के लिए बोल दिया।
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ड्रोन कैमरे से निगरानी
- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आशंका को देखते हुए पिछले जुमे पर भी फोर्स तैनात की गई थी। जामा मसजिद में कई मोहल्लों से लोग नमाज अदा करने आए थे। इस दौरान आसपास का बाजार भी बंद रहा था। लेकिन, इस बार बाजार खुला रहा। खरीदारी के लिए भी लोग आ रहे थे। वहीं शहीद नगर और मंटोला में भी ड्रोन कैमरे से घरों पर नजर रखी गई।
बच्चे को दुलारती महिला पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
जामा मस्जिद के बाहर तैनात पुलिस फोर्स लोगों में आकर्षण का केंद्र भी रही। इसकी वजह थी पुलिसकर्मियों का अंजनी सूट में रहना। एसपीआरए रवि कुमार भी अंजनी सूट में थे। सूट की विशेषता है कि इसमें पुलिस कर्मी के घायल होने की कम संभावना रहती है। भीड़ में भी इस सूट की मदद से बचा जा सकता है।