परिवर्तिनी एकादशी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन चावल, मांस-मदिरा और क्रोध से बचना चाहिए। इसके साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन और सत्य आचरण करना चाहिए।
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भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी परिवर्तनी एकादशी को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन माता लक्ष्मी का परम प्रिय है। ज्योतिषाचार्य रामबाबू द्विवेदी ने बताया कि इसी दिन क्षीर सागर में शेष शय्या पर विश्राम कर रहे भगवान विष्णु करवट बदलते हैं, जिसके कारण इसे करवटनी एकादशी भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवताओं ने इसी व्रत के प्रभाव और मां लक्ष्मी के पूजन से अपना खोया हुआ देवलोक वापस प्राप्त किया था।
ज्योतिषाचार्य ज्योति ब्रजवासी ने बताया कि एकादशी तिथि की शुरुआत सोमवार रात 8:00 बजे से मंगलवार रात 9:43 बजे तक रहेगी। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के पूजन के लिए सबसे उत्तम और शुभ मुहूर्त मंगलवार सुबह 10:15 बजे से दोपहर 2:33 बजे तक रहेगा। इस अवधि में विष्णु सहस्रनाम का पाठ और धूप-दीप से आरती करना अत्यंत फलदायी होगा। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस दिन निर्जला या फलाहारी व्रत रखकर भगवान विष्णु के वामन रूप का ध्यान करना चाहिए। मधुनगर निवासी ईशा राठौर ने बताया कि हम हर साल परिवर्तनी एकादशी का व्रत रखते हैं। इस दिन विष्णु के साथ मां लक्ष्मी का पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। बोदला निवासी अनीता का कहना है कि शास्त्रों में इस दिन का बहुत बड़ा महात्म्य बताया गया है। इस बार शुभ मुहूर्त में परिवार के साथ कथा सुनकर और जरूरतमंदों की मदद करेंगे।
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भगवान विष्णु
- फोटो : Adobe stock
चावल का सेवन न करें
किसी भी एकादशी तिथि पर चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चावल का सेवन करने से मनुष्य का जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में होता है। ऐसे में परिवर्तिनी एकादशी के दिन जो लोग व्रत नहीं रखते हैं, उन्हें भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
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भगवान विष्णु
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क्रोध से बचें
एकादशी का पावन दिन जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन सिर्फ भगवान का गुणगान करना चाहिए। एकादशी के दिन क्रोध नहीं करना चाहिए और वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए।
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भगवान विष्णु
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ब्रह्मचर्य का पालन
एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। इस दिन श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। मान्यता के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है।
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मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए
एकादशी के दिन मांस- मंदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। यदि आप व्रत नहीं करते हैं तो एकादशी के दिन सात्विक भोजन का ही सेवन करें।
झूठ बोलने से बचें
परिवर्तिनी एकादशी के दिन मन में विष्णु भगवान का ध्यान करते हुए सात्विक रहें। झूठ न बोले। साथ ही किसी का मन नहीं दुखाएं और न ही किसी व्यक्ति की निंदा करें।