फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा के खतरनाक नाले: बारिश में इन नालों के किनारे गए तो बह जाओगे, सड़कों पर भी संभल कर चलें

Sat, 24 Jul 2021 11:05 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 8
नालों किनारे नहीं है कोई सुरक्षा - फोटो : अमर उजाला
आगरा के टेढ़ी बगिया 100 फुटा रोड और सेक्टर-4 नाले में बाइक सवारों के गिरने से हादसे हो चुके हैं। शहर में ऐसे कई नाले हैं, जिनकी दीवारें ढह चुकी हैं और पास की सड़क का कटान होने के कारण इनके नजदीक से निकलना खतरनाक हो चुका है। बाउंड्री के बिना और टूटे पड़े नालों के पास अगर बारिश के दौरान निकले तो फिसलकर बहने का खतरा है।
 
शहर के मेयर नालों की सफाई और निर्माण की जगह लोगों से ही अपील कर चुके हैं कि वह सावधानी बरतें। देखकर चलें ताकि नालों में न गिरें। ऐसे में हादसों से बचने के  लिए ‘अमर उजाला’ टीम ने उन जगहों पर जाकर पड़ताल की, ताकि इन जगहों से निकलते वक्त लोग सावधानी बरतें। नगर निगम तो इस मानसून में इन नालों का निर्माण नहीं करा पाएगा। 
विज्ञापन

2 of 8
काजीपाड़ा नाला - फोटो : अमर उजाला
काजीपाड़ा नाला
रेलवे पुलिया के पास चोक पड़े नाले की दीवार टूटी पड़ी है। छह माह से दीवार टूटने के कारण पानी काजीपाड़ा की मुख्य सड़क पर उफनकर भर जाता है। बेरिकेडिंग कराई गई, लेकिन नाले का निर्माण नहीं किया गया।
 
विज्ञापन

3 of 8
राजनगर नाला - फोटो : अमर उजाला
राजनगर नाला
दो साल से नाले की दीवार रेलवे लाइन के पास टूटी पड़ी है। दो बार लोग इसमें गिरकर बह चुके हैं लेकिन नाले की मरम्मत नहीं की गई। 15 हजार से ज्यादा लोग नाले के किनारे से हर दिन निकलते हैं।

4 of 8
शांतपुरम नाला - फोटो : अमर उजाला
शांतपुरम नाला
10 जुलाई को नाले से सटी सड़क पर इंटरलॉकिंग का काम पूरा हुआ और 11 जुलाई को नाले की दीवार ढह गई।  बैनारा फैक्टरी से सटी गली में सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी के हालात हैं। यहां से निकलने में लोगों को डर लगता है।
विज्ञापन

5 of 8
पुलिया निर्माण के बाद इस हिस्से को खुला छोड़ दिया - फोटो : अमर उजाला
सुल्तानगंज पुलिया
सुल्तानगंज चौराहे पर शाही कैनाल नाले की दीवार दो जगह से टूट गई थी। दो माह बाद टेंडर हुआ तो एक जगह मरम्मत शुरू हो गई, दूसरी जगह की मरम्मत बाकी है। यहां दीवार से सटी सर्विस लेन का कटान हुआ है। इस रास्ते से जाना लोगों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है।
विज्ञापन

6 of 8
गड्ढे में पहले स्कूटी गिरी फिर घोड़ी (12 जुलाई की तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
'नाले के तोड़ने के बाद से हालात और खराब हुए'
काजीपाड़ा की पार्षद ज्ञानवती ने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदार का गठजोड़ कागजों पर झूठी रिपोर्ट बना रहा है जबकि क्षेत्र में लोग परेशान हैं। नाले को तोड़ने के बाद से हालात और खराब हो गए हैं। नहर की तरह नाले में पानी का तेज बहाव है। एक बार हादसा हो चुका है पर अधिकारी सुन नहीं रहे।
 
विज्ञापन

7 of 8
इस गड्ढे में भी हो चुके हैं दो हादसे - फोटो : अमर उजाला
'कागजों पर सब कुछ ठीक फील्ड में विकराल हालात'
राजनगर के पार्षद बंदी माहौर ने कहा कि दो साल से टूटे नाले की मरम्मत के लिए कभी मेयर, कभी नगर आयुक्त के पास जा रहा हूं लेकिन दलित, मलिन बस्तियों के विकास कार्य नहीं कराए जा रहे। सेक्टर-4, टेढ़ी बगिया जैसा हादसा होगा, शायद तब अफसर और मेयर साहब जागें।
विज्ञापन

8 of 8
नाले में समाई बाइक - फोटो : अमर उजाला
'जांच व दोषियों पर कार्रवाई की जगह चुप्पी साधी'
शांतिपुरम के केके भारद्वाज ने कहा कि नाले की दीवार गिर गई और इंटरलॉकिंग टाइल्स की सड़क एक दिन में ही ढह गई पर इसकी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की जगह चुप्पी साधकर अधिकारी बैठ गए हैं। बारिश में यहां से निकलने पर डर लगता है कि कहीं कटान न हो जाए। बोदला से घूमकर निकलना पड़ रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें