आगरा में स्वतंत्रता की ‘रानी’सरोज गौरिहार के राजकीय सम्मान में रविवार को लापरवाही हुई। उनकी पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर नहीं मिला। आवास पर शव को तिरंगा में लपेटा गया, लेकिन शस्त्रों से सलामी के लिए गारद नहीं पहुंची। ताजगंज स्थित विद्युत शवदाह गृह पर उनकी अंत्येष्टि हो गई। इस लापरवाही पर वहां विधायक, साहित्य प्रेमियों व समाजसेवियों ने जिलाधिकारी से आपत्ति जताई। फिर आनन फानन गारद बुलाई गई और बंदूकों से सलामी की रस्मअदायगी की गई।
आगरा की आखिरी स्वतंत्रता सेनानी 92 वर्षीय रानी सरोज गौरिहार ने रविवार सुबह 4.15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना से शहर के साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई। शाम चार बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होना था। कमला नगर स्थित उनके आवास पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल, प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, विधायक व पुलिस-प्रशासन के अधिकारी पहुंचे।