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नशे का कारोबार: पंजाब के लिए तैयार करते थे 'हाई डोज', एनसीबी के छापे के बाद हुए चौंकाने वाले खुलासे

Tue, 22 Dec 2020 12:02 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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पुलिस ने गिरफ्तार किए दवाओं के तस्कर - फोटो : अमर उजाला
शहर की पॉश कॉलोनी कमला नगर का निवासी अंतरराज्जीय दवा तस्कर पंकज गुप्ता उर्फ चंद्रकांत गुप्ता की कोठी में नशे की दवाइयां बनाई भी जा रही थीं। यह खुलासा उसके गिरफ्तार बेटे अमन गुप्ता से पूछताछ में हुआ। उसने पुलिस को बताया कि नशे की सस्ती और प्रतिबंधित दवाइयों को खरीदकर उनसे नई दवाइयां बनाई जाती थीं। काले कारोबार में उसके पिता ही नहीं, मां और बहनें भी शामिल हैं। पुलिस को अब पंकज गुप्ता, उसकी पत्नी रिचा गुप्ता, बेटी अकांक्षा और श्रुति गुप्ता की तलाश है। दिल्ली के नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शनिवार की शाम आगरा ड्रग विभाग के अफसर और पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की थी। मामले में तेज नगर, कमला नगर के निवासी अमन गुप्ता के साथ ही उसके चाचा सूर्यकांत और बल्केश्वर के लोहिया नगर निवासी गोदाम मालिक किशन अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, पंकज के गोदाम से चार करोड़ की दवाइयां बरामद की गई थीं।
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दवाओं की जांच करते एनसीबी अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
अमन ने पूछताछ में बताया कि पांच साल से वे लोग यह काम कर रहे हैं। पहले पिता दवाइयों की सप्लाई करते थे, फिर मेडिकल स्टोर खोला, इसके बाद नशे की दवाइयों की तस्करी करने लगे। नशे की दवाइयों में मोटी कमाई हुई तो गर्भपात की किटों की सप्लाई करने लगे। पंजाब में कई दवाइयां प्रतिबंधित कर दिए जाने के बाद घर में नए-नए नाम से दवाइयां तैयार करने लगे। अधिक मांग वाली दवाओं के सॉल्ट कानपुर के लालबाग से खरीदते थे। संबंधित दवा के रेपर पर जो मिश्रण लिखा होता था उसके अनुसार इन सॉल्ट को मिलाकर नई दवा तैयार करते थे। इसके बाद हॉकरों (सप्लायरों) के माध्यम से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और यूपी के कई जिलों में भेजा जाता था। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों पर जालसाजी, धोखाधड़ी की धाराएं और एनडीपीएस एक्ट लगाया गया है। एनसीबी, ड्रग विभाग और पुलिस ने दो दिन शहर में अलग-अलग जगह छापे मारे। कुल सात करोड़ की दवाएं बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार,छह लोगों से पूछताछ की जा रही है।
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तस्करों के गोदामों से बरामद हुईं नशे की दवाइयां - फोटो : अमर उजाला
सस्ती ड्रग्स को महंगी दवा के खाली कैप्सूल में भरकर बेच रहे तस्कर 
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की कार्रवाई से नशे की दवाइयों के पूरे रैकेट और नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। ये दवाइयां आगरा में जमा की जाती हैं। यहां सस्ती ड्रग्स को महंगी दवा के खाली कैप्सूल में डालकर नई पैकिंग कर नौ राज्यों में सप्लाई की जाती है। इस रैकेट में 100 से ज्यादा लोग शामिल हैं। पंकज गुप्ता की कोठी में यही काला कारोबार चल रहा था।

ये भी पढ़ें- NCB की जांच में खुलासा: नौ राज्यों में फैला है नशे का कारोबार, विदेशों से भी जुड़े 'आगरा गैंग' के तार
 

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तस्करों के गोदामों से बरामद हुईं नशे की दवाइयां - फोटो : अमर उजाला
पंजाब के लिए स्पेशल हाई डोज
गिरफ्तार आरोपी अमन गुप्ता ने पुलिस बताया कि पंजाब में ड्रग्स की हाई डोज की मांग है। पंजाब के लिए स्पेशल हाई डोज दवाएं तैयार की जाती हैं।

कानपुर और दिल्ली से आती है खेप
आगरा गैंग कानपुर के लाल बंगला और दिल्ली से नशे की सस्ती दवाएं, खाली कैप्सूल और रैपर खरीदता है। सिर्फ पंकज गुप्ता ही नहीं, और भी तस्कर यह काला कारोबार कर रहे हैं।
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दवाओं की गिनती करते निरीक्षक - फोटो : अमर उजाला
कोड वर्ड में नाम सिंधी और सरदार
अमन ने बताया कि पापा दवाइयों की खेप दो लोगों से लेते हैं। इनके नाम कोड वर्ड में है, उसे यही मालूम हैं। सिंधी और सरदार। सरदार कानपुर का है और सिंधी आगरा का। सिंधी दिल्ली से दवा लाता है।

40 की दवा, हाईडोज बताकर 240 में बेच रहे
दवा तस्कर 40 रुपये तक में मिल जाने की नशे की ड्रग्स को हाई डोज वाली ड्रग्स के खाली कैप्सूल और रैपर में पैक कराते हैं। इसके बाद प्रिंट रेट नया डालते हैं। यह 240 तक होता है। इस तरह नशे की दवाओं पर छह गुना तक मुनाफा लिया जाता है।
 
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पुलिस हिरासत में नशे की दवाओं के तस्कर - फोटो : अमर उजाला
काले कारोबार के बड़े खिलाड़ी
1. पंकज गुप्ता उर्फ चंद्रकांत गुप्ता : अंतरराज्जीय तस्कर है, अपना गिरोह चलाता है, घर पर नशे की दवाएं तैयार कराता था। (फरार)
2. अमन गुप्ता : पंकज का बेटा है, दवाओं की तस्करी का काम संभालता था (गिरफ्तार)
3. सूर्यकांत गुप्ता : दवाइयों का बड़ा तस्कर है, दिखावे के लिए फव्वारा में रोहिनी मेडिकल स्टोर चलाता है, पंकज का भाई है (गिरफ्तार)
4. रिचा गुप्ता : पंकज की पत्नी है, केमिकल से नशे की दवाइयां तैयार करती है। (फरार)
5. अकांक्षा, श्रुति : पंकज की बेटियां हैं, मां के साथ मिलकर नशे की गोलियां तैयार करती हैं। (फरार)
6. सरदार हरप्रीत सिंह : लाल बंगला, कानपुर का निवासी है, तस्कर है, पंकज के पास दवाइयों और सॉल्ट की खेप भेजता है, जिससे पंकज नई दवाइयां तैयार कराता है।
7. संजीव कुमार गुप्ता :  सपना मेडिकल स्टोर का संचालक है, तस्कर पंकज से दवाइयां खरीदकर बेचता है।
8. नरेंद्र कुमार उर्फ नंदू : सुभाष नगर का है, तस्करों से लेकर दवाओं की सप्लाई करता है।
9. अनिल द्वारिका : काला महल निवासी है, तस्कर पंकज गुप्ता से दवाइयां खरीदता है।
10, अनिल और धीरज : लाल बंगला, कानपुर के हैं, पंकज को दवाइयों बेचते और उससे खरीदते हैं।
11. अमित मित्तल : फव्वारा स्थित श्रीजी मेडिकल स्टोर का संचालक है, पंकज से दवाएं खरीदता है।
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