आगरा के छावनी इलाके में एक गर्भवती गाय के जख्मों में कीड़े पड़ने के बाद भटकती रही, मगर किसी को उसकी हालत पर दया नहीं आयी। मुस्तफा क्वार्टर में वह बीमारी की हालत में गिरी और बछड़े को जन्म दिया। गाय और उसके नन्हें बछड़े की हालत यहां के नासिर से देखी नहीं गई तो उन्होंने अपनी पत्नी के साथ गाय की सेवा शुरू कर दी। नन्हें बछड़े को खरीदकर बोतल से दूध पिलाया। अब नासिर ने खुद ही गाय व बछड़े को पालने का निर्णय किया है। उन्होंने बछड़े का नाम सेबू और गाय का गौरी रख दिया है। नासिर के इस सेवा भाव की हर कोई सराहना कर रहा है।