उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में अंधविश्वास का एक मामला सामने आया है। यहां ग्रामीण मृत नाग-नागिन की पूजा करने में जुटे हुए हैं। इसके पीछे ग्रामीणों ने जो कहानी बताई है, वो हैरान करने वाली है। अगली स्लाइड्स में जानिए पूरा मामला...
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घटनास्थल पर बच्चे व ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
थाना पचोखरा क्षेत्र में नाग की मौत के वियोग में एक ही स्थान चार दिन से बैठी नागिन ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने जहां नाग को जलाकर दफनाया था, वहीं पर मृत नागिन को रख दिया और पूजा-अर्चना करने लगे। ग्रामीणों ने कहा कि इस स्थान पर नाग-नागिन का मंदिर बनवाया जाएगा।
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नागिन
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के अनुसार पचोखरा क्षेत्र के गांव नगला सूरज के समीप एक फरवरी को चारा काटने वाली मशीन से कटकर एक नाग की मौत हो गई थी। किसान ने मृत नाग को जलाकर दफन कर दिया। जिस जगह पर नाग को दफनाया था, वहां पास में ही एक बिल से नागिन निकल आई और बाहर आकर बैठ गई।
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नाग-नागिन को देखने के लिए जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
जब ग्रामीणों की नजर नागिन पर पड़ी तो पीने के लिए दूध रखा गया, लेकिन उसने दूध नहीं पिया। इस घटना की खबर जंगल में आग की तरह फैलती गई। नागिन को देखने वालों की भीड़ लगने लगी। ग्रामीणों ने उसके चारों ओर घेरा बना दिया। उनका कहना था कि नाग के वियोग में नागिन बैठी है।
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मृत नाग-नागिन को देखने पहुंचे ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने बताया कि चार दिन तक नागिन एक ही जगह बैठी रही। मंगलवार को उसने भी दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद ग्रामीणों ने नाग के शव को जहां दफनाया गया था वहां से निकालकर नागिन के शव के साथ रख दिया और पूजा-अर्चना शुरू कर दी।
मृत नाग-नागिन को देखने को जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
नागिन के मरने की खबर मिलने पर आसपास के ग्रामीण वहां पहुंच रहे हैं। मृत नाग और नागिन की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। चढ़ावा भी चढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द ही उक्त जगह पर भगवान शिव के साथ नाग-नागिन का मंदिर बनवाया जाएगा।