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दो नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए 65 किमी तक खोदाई, 1500 मजदूरों को मिला रोजगार

Mon, 29 Jun 2020 12:09 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • उटंगन और किवाड़ को जीवित करने के लिए 65 किमी की खोदाई
  • दोनों नदियों की सिल्ट निकाली जा रही, 20 गांव को मिलेगा फायदा
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खोदाई करते मनरेगा मजदूर - फोटो : अमर उजाला
आगरा जिले में दो बरसाती नदियों को नई जिंदगी मिलने जा रही है। इससे मनरेगा मजदूरों को काम भी मिला है। खेरागढ़ क्षेत्र में उटंगन और किवाड़ नदी की 65 किलोमीटर सिल्ट सफाई कर उसका पुनरुद्धार कार्य पूरा हो चुका है। मनरेगा के तहत और काम जारी है। प्रशासन का कहना है कि इन नदियों के पुनर्जीवित होने से 20 गांवों को फायदा होगा। नदियों की सफाई में 1500 मजदूर कार्य कर रहे हैं। 
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सूखी पड़ी उटंगन नदी - फोटो : अमर उजाला
पहाड़ों के बरसाती पानी से बनने वाली दो नदियों का मनरेगा से जीर्णोद्धार का प्रशासन ने खाका खींचा। लॉकडाउन के दौरान बाहर से लौटे मजदूरों को काम दिया। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि कुदाल-फावड़ों से श्रमिकों ने नदी में जमा सिल्ट, झाड़ियां व मिट्टी के टीले काट कर उन्हें समतल किया है। 
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी ने बताया कि 1500 मजदूरों ने तीन शिफ्ट में दोनों नदियों में श्रम किया। 8262 श्रमिक दिवस सृजित हुए। किवाड़ नदी को 35 किमी और उटंगन नदी में 30.5 किमी में तलीझाड़ सफाई की गई। अभी कार्य जारी है।

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सांसद राजकुमार चाहर - फोटो : अमर उजाला
गुम हो गई थी नदी की धारा: सांसद
फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने बताया कि दोनों नदियों में 65 किमी तक धारा गुम हो गई थी। बरसात का पानी नदी में न बहकर तटबंध तोड़कर बहता था। मैंने प्रशासन से दोनों नदियों का कायाकल्प मनरेगा से कराने की मांग की। इसके बाद 25 दिन काम चला। अब नदी के किनारे बरसात के लिए तैयार हैं। गुम हो चुकी धारा भी नदी में कलकल बहती दिखाई देगी।
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उटंगन नदी में मनरेगा मजदूर - फोटो : अमर उजाला
20 गांवों में लहलहाएगी फसल: सीडीओ
मुख्य विकास अधिकारी जे. रीभा ने बताया कि नदी किनारे बसे 20 से ज्यादा गांवों में नदियों की सफाई से सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा। साल में आठ माह पानी का इंतजाम रहेगा। किसानों की फसल लहलहाएगी। पूरा काम श्रमिकों ने हाथों से किया है। कोई भी मशीन इस्तेमाल नहीं की गई।
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