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घायल हथिनी को नई जिंदगी देने की कवायद, रेस्क्यू कर लाया गया था यहां, देखें तस्वीरें

Mon, 29 Jun 2020 09:43 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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हथिनी का इलाज करती टीम - फोटो : Wildlife SOS
वन विभाग एवं एसओएस वाल्डलाइफ संस्था की टीम द्वारा रेस्क्यू कर जारा नाम की हथिनी को मथुरा जिले के चुरमुरा स्थित हाथी अस्पताल में लाया गया। उसके पैरों में गंभीर चोट है। इसके कारण वो ठीक से चल भी नहीं पा रही है। अस्पताल में चिकित्सकों की एक टीम ने शनिवार को उसका परीक्षण किया। इसमें उसके दुर्बल शरीर की स्थिति सहित गंभीर बीमारियों का पता चला। उसका इलाज शुरू हो गया है। 
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हाथी अस्पताल में जारा - फोटो : Wildlife SOS
चिकित्सकों ने बताया कि हथिनी जारा के आगे पैर की हड्डी असामान्य रूप से जुड़ी है। उसे ऑस्टियो आर्थराइटिस आदि गंभीर बीमारियां हैं। हाथी अस्पताल में हथिनी की लेजर थेरेपी, हाइड्रोथेरेपी उपचार, डिजिटल रेडियोलॉजी, थर्मल इमेजिंग जैसी मेडिकल प्रक्रिया के तहत देखभाल की जा रही है। 
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हाथी अस्पताल में जारा - फोटो : अमर उजाला
पशु चिकित्सक डॉ. प्रमोद राजपूत ने बताया कि हथिनी पुराने गठिया रोग के कारण गंभीर रूप से पीड़ित है, जिससे पैरों पर अधिक भार लेने में अक्षम है। मथुरा के डीएफओ रघुनाथ मिश्रा ने बताया कि हथिनी काफी कमजोर स्थिति में है। उसे वाइल्डलाइफ एसओएस के हाथी अस्पताल फरह भेजा गया है।

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Wildlife SOS elephand hospital - फोटो : Wildlife SOS
एसओएस वाल्डलाइफ संस्था के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि हमें उम्मीद है कि 'जारा' अस्पताल में उपलब्ध विशेष चिकित्सा उपकरणों और पशु चिकित्सा देखभाल से लाभान्वित होगी। संस्था की सचिव गीता शेषमणि ने कहा कि कम उम्र में 'जारा' को इतनी गंभीर चोटों से पीड़ित देखकर दिल सहम सा जाता है। 
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हाथी अस्पताल में हथिनी जारा - फोटो : अमर उजाला
संस्था के निदेशक बैजूराज ने कहा कि हाथी अस्पताल का लक्ष्य संकट में हाथियों के लिए विशेष और महत्वपूर्ण देखभाल प्रदान करना है। हमारे पशु चिकित्सकों की देखरेख में 'जारा' को सभी वो चिकित्सकीय सेवा मिल सकेगी, जिसकी उसे जरूरत है।
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