डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस में मंगलवार को ताबीज में फिट किए इलेक्ट्रानिक सर्किट और ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करते हुए पकड़े गए एत्मादपुर स्थित एफएच मेडिकल कॉलेज के 10 परीक्षार्थियों को बुधवार को कोर्ट से जमानत मिल गई। कोर्ट ने धोखाधड़ी की धारा को उचित नहीं माना। 20-20 हजार के दो-दो जमानती और इतनी ही राशि के मुचलके भरने पर जमानत दे दी। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी, 66डी आईटी एक्ट और 3/9 सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया था।
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नकल करते पकड़े गए छात्र
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आरोपियों का बुधवार को मेडिकल कराया। इसके बाद शाम को कोर्ट में पेश किया। आरोपी छात्र नदीम अली, राहुल यादव, मोहित सैनी, नावेद हसन, दीपक सिंह, कुनाल शर्मा, राहुल बाबू, मोहित यादव, अमित यादव और छात्रा हनी जैसवानी हैं। सीओ हरीपर्वत एएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि मेडिकल छात्र अपने सीनियर की मदद से ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कर रहे थे। पूछताछ में कुछ सीनियर छात्रों के नाम सामने आए हैं। उनके बारे में पड़ताल की जा रही है। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। आशंका है कि कुछ और परीक्षार्थियों ने इसी तरह परीक्षा दी होगी। हालांकि अभी जांच किया जाना बाकी है।
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एमबीबीएस के छात्रों के पास से मिली डिवाइस
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सिमकार्ड का नंबर नहीं बताया पाया छात्र
इटावा स्थित अशोक नगर निवासी राहुल बाबू के पिता प्रेमबाबू ठेकेदार हैं। पुलिस की पूछताछ में राहुल ने बताया कि उसने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद प्रवेश लिया था। इस समय तृतीय वर्ष का छात्र है। उसकी दो बार बैक लग चुकी है। इस बार भी बैक लगने पर परीक्षा देने आया था। उसके पास से डिवाइस बरामद हुई। डिवाइस राजामंडी से खरीदकर लाया था। हालांकि पुलिस को दिल्ली से मंगवाने की आशंका है। वह एक सीनियर और दोस्त के संपर्क में था। वह डिवाइस में लगे सिम का नंबर नहीं बता पाया। वहीं आरोपी परीक्षार्थी कुनाल शर्मा फ्रीगंज का रहने वाला है। वह चतुर्थ वर्ष का छात्र है। उसके पिता की दुकान है। उसके पास से डिवाइस मिली।
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नकल के मामले में जांच करती पुलिस
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मेडिकल के दो और छात्र नकल करते पकड़े
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से कराई जा रही मेडिकल पाठ्यक्रमों की परीक्षा में बुधवार को भी दो परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए। बुधवार को सुबह आठ से 11 बजे तक एमबीबीएस सेकेंड प्रोफेशनल फार्माकोलॉजी प्रथम प्रश्नपत्र परीक्षा थी। केंद्राध्यक्ष प्रो. वीके सारस्वत ने
बताया कि परीक्षार्थी कॉपी में पर्ची रखकर नकल कर रहा था, कक्ष निरीक्षक ने पकड़ा। प्रवेश के समय तलाशी ली गई थी, फिर भी नकल की पर्ची पकड़ में नहीं आई थी।
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परीक्षा में परीक्षार्थी
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सुरक्षा : एबीबीएस के परीक्षार्थियों के जूते-मोजे उतरवाए
मंगलवार को एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल के दस परीक्षार्थियों को डिवाइस से नकल करते पकड़े जाने के बाद बुधवार को परीक्षा में सख्ती बढ़ा दी गई। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में एमबीबीएस सेकेंड प्रोफेशनल के परीक्षार्थियों की प्रवेश द्वार पर ही तलाशी ली गई। वहीं, सुरक्षा गार्डों के पास एप्रिन रखवा दिए गए। इसके बाद परीक्षा कक्ष के बाहर जूते और मोजे भी उतरवा दिए गए। केंद्राध्यक्ष प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि सुरक्षा के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया।
बाहर उतरवाए गए छात्रों के एप्रिन
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शातिर : अंडरवियर में छिपा रखा था मोबाइल
एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल पार्ट वन के जो 10 परीक्षार्थी मंगलवार को नकल करते पकड़े गए थे, उसमें से एक परीक्षार्थी के पास मोबाइल फोन भी मिला था। केंद्राध्यक्ष ने बताया कि परीक्षार्थी ने मोबाइल को अंडरवियर में छिपा रखा था। इससे वह बाहर ली गई तलाशी में पकड़ में नहीं आया था। डिवाइस पकड़े जाने के बाद ली गई तलाशी में मोबाइल पकड़ में आया था। नेत्र विज्ञान की परीक्षा एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल पार्ट वन के परीक्षार्थियों का आखिरी प्रश्नपत्र था। अंतिम दिन की परीक्षा के दौरान उनका नकल का खेल पकड़ में आया। परीक्षार्थियों के खिलाफ विवि की ओर से यूएफएम में कार्रवाई की गई। यूएफएम कमेटी इन पर निर्णय लेगी।