वृंदावन कुंभ मेले में आस्था के विविध रूप देखने को मिल रहे हैं। कहीं पंडालों में भजन-कीर्तन हो रहा है तो कहीं अखाड़ों के साधु धूनी रमाए बैठे हैं। कोई कितना भी पुकारे, साधना में लीन इन साधुओं को कोई फर्क नहीं पड़ता। साधना समाप्त होने के बाद ही वह अपने आसन से उठते हैं। साधना भी इतनी कठिन कि देखने वाला भी चकित हो जाए। अगली स्लाइड्स में देखिए इन हठयोगियों की साधना...