मैनपुरी के दन्नाहार के गांव रठेरा में पत्नी की चारपाई की पाटी मारकर हत्या करने के आरोपी को पुलिस ने मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। बुधवार को पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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ममता का फाइल फोटो और पुलिस गिरफ्त में हत्या का आरोपी पति
- फोटो : अमर उजाला
थाना क्षेत्र के गांव रठेरा निवासी ममता देवी (44) सोमवार शाम घर पर कामकाज कर रहीं थीं। इसी दौरान शराब के नशे में धुत पति सुखवीर यादव ने चारपाई की पाटी से सिर में कई वार कर उसकी हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर के मुख्य दरवाजे में अंदर से कुंडी लगाकर छत के रास्ते भाग गया था। घटना के बाद ममता की बहन नीलम ने बहनोई के खिलाफ अवैध संबंधों के शक में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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मैनपुरी पुलिस की गिरफ्त में हत्या का आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। इस बीच मंगलवार देर रात प्रभारी निरीक्षक ओमहरि बाजपेई को सूचना मिली कि टिंडौली रेलवे फाटक के पास ममता का हत्यारोपी मौजूद है। इस सूचना पर प्रभारी निरीक्षक ने बिना समय गवाएं टीम के साथ घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। थाने लाकर पूछताछ की तो उसने हत्या करने का जुर्म कबूल किया। बुधवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेजा गया।
हत्या के बाद मौके पर एकत्रित ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
गांव वालों से मधुर नहीं थे संबंध, पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे गिने चुने लोग
गांव रठेरा निवासी ममता और सुखवीर कहने को तो पति पत्नी थे, लेकिन दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक घर में रहने के बावजूद अलग-अलग कमरे में रहते थे। गांव से भी अच्छे संबंध नहीं थे। मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर भी कुछ गिने चुने लोग ही आए।
ग्रामीणों के अनुसार गांव रठेरा निवासी ममता और सुखवीर यादव के बड़े पुत्र अंशुल की वर्ष 2012 में हुए एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वहीं दो माह पूर्व दूसरे बेटे रेशू ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुखवीर की एक बेटी शादीशुदा है। वर्तमान में दंपती के बीच नहीं बनती थी। ममता पति से अलग रहने को लेकर घर का बंटवारा की बात कहते हुए झगड़ती थी। दोनों के बीच रिश्ते इस कदर कड़वे हो चुके थे कि एक घर में रहते हुए भी अलग अलग कमरे में रहते थे। सुखवीर शराब पीने का आदी था, वहीं ममता भी काफी तेज तर्रार थी। जिस वजह से गांव के लोगों से भी अच्छे संबंध नहीं थे। मंगलवार को जब पोस्टमार्टम हुआ तो वहां ग्रामीण नजर नहीं आए। कुछ लोग ही यहां मौजूद रहे।