मैनपुरी लोकसभा सीट पर पांच दिसंबर को मतदान और आठ दिसंबर को वोटों की गिनती होगी। चुनाव मैदान में कुछ क्षेत्रीय प्रत्याशी हैं, लेकिन मुकाबला सपा और भाजपा के बीच है। सपा प्रत्याशी के पक्ष में सैफई परिवार और पूर्व मंत्री, विधायक गली-गली वोट मांग रहे हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ही मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और सरकार के मंत्री वोट मांग रहे हैं।
सपा और भाजपा का चुनावी गणित जातिगत आधार पर टिका हुआ है। सपा अपने कोर वोटबैंक की दमभर जीत का दावा कर रही है। वहीं भाजपा शाक्य वोट के आधार समाजवादी गढ़ को फतह करने की बात कह रही है। चुनाव प्रचार में दोनों ही दल पीछे नहीं है। सपा प्रत्याशी डिंपल यादव के चुनाव की कमान खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संभाल रखी है। प्रदेश भर के नेता, पूर्व मंत्री और विधायक सपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांग रहे हैं। वहीं, भाजपा प्रत्याशी के चुनाव की कमान प्रदेश कार्यसमिति ने संभाल रखी है। प्रदेशभर के वरिष्ठ पदाधिकारी मैनपुरी में प्रवास कर रहे हैं। प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के बीस से अधिक मंत्री घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं।