लखनऊ के होटल में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या का मामला सामने आया है। आगरा के रहने वाले 24 साल के असद ने अपनी मां असमा और चार बहनों की हत्या कर दी। आरोपी असद को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
यूपी की राजधानी लखनऊ के होटल में अपनी मां और चार बहनों की हत्या करने वाले असद को लेकर पड़ोसियों ने चौंकाने वाली हकीकत बताई। पड़ोसियों की मानें तो असद बेहद सनकी है। वो किसी से बात नहीं करता है। जरा-जरा सी बात पर झगड़े पर उतारू हो जाता है। कुछ दिन पूर्व ही पड़ोसी से बिजली का मीटर घर की दीवार पर लगाए जाने को लेकर भी उसका विवाद हुआ था। 12 दिन पूर्व ही वो परिवार के साथ घर पर ताला लगाकर कहीं चला गया, इसकी जानकारी पड़ोसियों को भी न थी।
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आरोपी युवक का ताला लगा घर
- फोटो : अमर उजाला
'बीमार सात महीने की मासूम बेटी...'
पड़ोस में रहने वाले शौकत खान ने बताया कि वो हैवान है। बात छह महीने पुरानी है। उसकी सात महीने की मासूम बेटी थी, जो बीमार थी। उसकी सांसें चल रहीं थीं, लेकिन असद ने उसका इलाज नहीं कराया। उसने घर में ही कब्र खोदी और बीमार बेटी को दफना रहा था। पड़ोसियों को जब इस बात की जानकारी हुई, तो उन लोगों ने उसे रोक लिया। मासूम बेटी को चिकित्सक के पास लेकर गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद उसे कब्रिस्तान में दफनाया गया।
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जांच के लिए मौजूद पुलिस टीम व होटल के बाहर लगी भीड़।
- फोटो : amar ujala
'वो अक्सर अजमेर भी जाता रहता था'
फातिमा ने बताया कि असद व्यवहार रखने लायक नहीं था। वो रात में कितने बजे आता और जाता किसी को नहीं पता था। शादी हुई जिसके बाद उसकी पत्नी भी खुश नहीं थी। पहली पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद असद ने दूसरी शादी कर ली थी। वो अक्सर अजमेर भी जाता रहता था। दिल्ली में किसी के यहां काम करता था, जिसकी वजह से उसे दिल्ली वाले के नाम से ही लोग अधिक जानते हैं। दिल्ली से कुछ भी सामान लाकर यहां फेरी लगाकर बेचता था।
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आरोपी युवक का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
फातिमा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही पड़ोसी दुकानदार से साइकिल हटाने को लेकर विवाद हुआ, तो पथराव कर दिया। वो किसी से भी बनाकर नहीं रखता था। जवान बहनों की शादी की भी उसे बिलकुल भी फिक्र नहीं थी। आखिर उसके मन में क्या चल रहा था, ये किसी को अंदाजा नहीं था।
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आगरा में आरोपी के घर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस्लाम नगर में नहीं किसी से दोस्ती
पड़ोस के लोगों ने बताया कि असद खुद में ही मगन रहता है। इस्लाम नगर में वो काफी समय से रहता आ रहा है, लेकिन उसकी दोस्ती किसी से भी नहीं थी और ना ही वो किसी के साथ उठता बैठता था। सामान खरीदने के लिए कभी घर से निकला तो ठीक, बाकी समय वो किसी को दिखाई भी नहीं देता था। पड़ोसियों के अनुसार असद दिल्ली वाले के नाम से मशहूर है। उसकी बहन और मां भी किसी से मतलब नहीं रखती थीं।
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असद के घर के बाहर जमा लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बताया जा रहा है कि यह परिवार 12 दिन पहले घर से गया था। दो-दो महीने के लिए पूरा परिवार कहीं भी गायब हो जाता था। वैसे असद के काम के बारे में किसी को भी स्पष्ट पता नहीं है, लेकिन वो शुरुआत में फेरी लगाने का काम करता था। उसके बाद में उसने वो काम भी छोड़ दिया। असद की पत्नी कहां गई, किसी को जानकारी नहीं है। मोहल्ले के लोग भी उसके अजीबो गरीब व्यवहार के चलते उससे कम ही बातचीत करते थे।
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असद के घर के बाहर जमा लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां और चार बहनों की हत्या
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवक ने मंगलवार देर रात करीब दो बजे होटल में खूनी खेल खेला। लखनऊ के एक होटल में आगरा के रहने वाले युवक ने मां और चार बहनों की हत्या कर दी। नए साल पर हुई दिल दहलाने वाली वारदात से हर कोई सकते में हैं। पांच हत्याओं की खबर से पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची है। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
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असद के घर पड़ा ताला
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस आरोपी युवक से पूछताछ कर रही है। सामने आया है कि ये परिवार आगरा जिले के कुबेरपुर का रहने वाला है। आगरा के टेड़ी बगिया क्षेत्र के इस्लाम नगर के रहने वाले 24 साल के असद ने यह खूनी खेल खेला। सनसनीखेज हत्याकांड में हैरान करने वाली बात ये है कि चार बेटियों में से दो नाबालिग हैं। जबकि, दो की उम्र 18 और 19 साल है। लखनऊ के होटल शरनजीत में इन पांच हत्याओं से पूरे शहर में सनसनी फैल गई।
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असद के पड़ोसी शौकत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने एक वीडियो बनाया। वीडियो में आरोपी ने मृत मां और बहनों को दिखाया। इस दौरान उसका बाप भी साथ में दिखाई दिया। वीडियो में उसने बस्ती के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपी ने कहा कि मेरा नाम मोहम्मद असद है... आज बस्ती वालों की वजह से मजबूरी में हमने ये कदम उठाया। अपने हाथों से मां और बहन को मारा है। इसके जिम्मेदार बस्ती वाले हैं। हमारा घर इन लोगों ने छीनने के लिए न जाने कितने-कितने जुल्म किए।
पड़ोस की दुकान, जिससे पूर्व में हुआ झगड़ा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हमने आवाज उठाई तो हमारी किसी ने नहीं सुनी। 10-15 दिन हो गए, सर्दी में भटकते हुए। योगी जी से ये निवेदन है कि इन जैसे मुसलमानों को नहीं छोड़ें, पूरी बस्ती मौत की जिम्मेदार है। मौत के जिम्मेदार रानू उर्फ आफताब अहमद, अलीम खान, सलीम खान, ड्राइवर, अहमद, अजहर और उसके और रिश्तेदार हैं, जो लड़कियों को बेचते हैं। इन लोगों का प्लान था कि हम लोगों को जेल पहुंचाकर हमारी बहनों को बेचेंगे। हम ये नहीं चाहते थे।