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भूख हड़ताल पर 'शिव-पार्वती': ताज में चादर पोशी और कव्वाली पर रोक लगाने की मांग, बोले- इसकी अनुमति नहीं

Thu, 16 Feb 2023 01:17 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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भूख हड़ताल पर बैठे शिव-पार्वती के रूप में लोग - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल में मनाए जाने वाले उर्स के विरोध में भगवान शिव और पार्वती भूख हड़ताल बैठे हैं। उनका मानना है कि ताजमहल, तेजो महालय है और इसके अंदर बिना अनुमति चादर पोशी और कव्वाली नहीं होनी चाहिए। बिना अनुमति कार्यक्रम के आयोजन पर वह विरोध जता रहे हैं।

मामला ताजमहल के पास स्थित प्रतापपुरा चौराहे का है। यहां गुरुवार की सुबह भगवान शिव के रूप में जितेंद्र कुशवाहा और मां पार्वती के रूप में उषा वर्मा भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि आरटीआई से मिली सूचना के आधार पर ताजमहल के अंदर चादर पोशी और कव्वाली की अनुमति नहीं है। 
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ताज पर उर्स मनाए का कर रहे विरोध - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि पुरातत्व विभाग ने इसके लिए लेटर जारी किया था। उन्होंने बिना अनुमति उर्स, कव्वाली और चादर पोशी करने पर प्रशासन से रोक लगाने की मांग की है। बताते चलें कि हिंदू महासभा इस कार्यक्रम का विरोध कर रहा है।
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अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा - फोटो : अमर उजाला
इसको लेकर इन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने पर आज भूख हड़ताल शुरू की गई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मीना दिवाकर एवं संचालन जिला प्रभारी सौरव शर्मा एवं जिला अध्यक्ष मनीष पंडित कर रहे हैं।

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ताज पर चादरपोशी का कर रहे विरोध - फोटो : अमर उजाला
इस मौके पर कृष्णा राठौर, प्रिया सिकरवार, हीरा देवी, मनीष पंडित, सौरव शर्मा, अंकित चौहान समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स तैनात है।
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पुलिस ने बात करके हड़ताल खत्म करने को कहा, लेकिन नहीं मानें - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, आगरा में शाहजहां का 368वां उर्स 17 से 19 फरवरी तक ताजमहल में मनाया जाएगा। तीन दिवसीय उर्स में दो दिन दोपहर दो बजे के बाद और तीसरे दिन यानी 19 फरवरी को पूरे दिन पर्यटक निशुल्क प्रवेश कर सकेंगे। उर्स के मौके पर ही तहखाना में स्थित शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों को देखने का मौका मिलेगा।
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