फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मथुरा में राष्ट्रवाद के साथ स्थानीय मुद्दों की बात, कुछ ऐसा है यहां का सियासी हाल

Sun, 07 Apr 2019 02:20 PM IST
मुकेश कुमार पुनीत शर्मा, अमर उजाला, मथुरा
विज्ञापन
1 of 8
भाजपा प्रत्याशी हेमा मालिनी, कांग्रेस के महेश पाठक, रालोद के कुवंर नरेंद्र सिंह
मथुरा का चुनाव इस बार बड़ा रोचक होने जा रहा है। सियासी मानचित्र पर वीआईपी सीट के नाम से पहचान बनाने वाले मथुरा संसदीय क्षेत्र में चुनावी चक्रव्यूह के सात द्वार बन गए हैं। कहीं राष्ट्रवाद का मुद्दा है तो कहीं जातीय समीकरणों की बिसात है। स्थानीय मुद्दे भी चर्चा में बने हुए हैं। कहीं बदहाल आलू किसानों की तस्वीर पेश की जा रही है तो कहीं खारा पानी, चीनी मिल और यमुना की सफाई जैसे मुद्दे चर्चा का विषय बन रहे हैं। दूसरी तरफ भारत द्वारा पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के कैंप को तबाह करने, अलगाववादियों पर कार्रवाई करने और सेना की मजबूती को लेकर खूब बातें हो रही हैं। पेश है यह रिपोर्ट...
विज्ञापन

2 of 8
कलक्ट्रेट पर चाय की दुकान पर चर्चा करते लोग - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला की टीम मथुरा के कलक्ट्रेट चौराहा पर चाय की दुकान पर पहुंची। यहां कुछ लोग चाय की चुस्कियों के साथ चर्चा कर रहे थे। इनमें कुछ सरकारी कर्मचारी थे तो कुछ ऐसे लोग, जो ग्रामीण क्षेत्रों से अपने किसी काम के लिए आए थे। इन लोगों की चर्चा में भाजपा, रालोद और कांग्रेस तीनों रहे।

सुरेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने घोषणापत्र में 22 लाख रिक्त पदों को जो भरने की बात कही है वो सराहनीय है। नेमचंद ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में 7200 रुपये की बात भी अच्छी। वहीं कन्हैया ने कहा कि सबसे बड़ा देश होता है। देश हित के बारे में सोचना चाहिए। वहीं एक किसान ने कहा कि गठबंधन सबसे ताकतवर है।
विज्ञापन

3 of 8
चाय की दुकान पर चुनाव पर चर्चा करते लोग - फोटो : अमर उजाला
रेल रोड पर सुभाष बाबू की चाय की दुकान है। यहां भी चुनाव पर चर्चा हो रही थी। सुभाष कहते हैं कि मोदी सरकार ने हर वर्ग के बारे में कुछ किया है। आज विदेशों में भारत एक बड़ी शक्ति के रूप में पहचाना जा रहा है। वहीं सुरेश चौधरी कहने लगते हैं कि आज किसानों की फसलों को खुला घूम रहा गोवंश चौपट कर रहा है उसका क्या। वहीं चौब सिंह बीच में खड़े हो जाते हैं और कहते है कि राहुल को भी मौका मिलना चाहिए। सौदान सिंह ने चौब सिंह को बीच में रोकते हुए कहा कि गठबंधन कहां कमजोर है। किसानों की बात गठबंधन में ही हो सकती है।

4 of 8
मथुरा में जातीय समीकरण (ग्राफिक्स) - फोटो : अमर उजाला
गोवर्धन में चुनाव पर चर्चा खूब हो रही है। कस्बे के बड़ा बाजार में पवन मित्तल कहते हैं कि मोदीजी को एक बार और देश की सेवा का मौका मिलना चाहिए। कसाई पाड़ा निवासी शिवादुद्दीन कहने लगते हैं कि कहां से बनेंगे, मुश्किल लग रहा है। प्रहलाद किशोर जातीय समीकरण पेश करते हुए गठबंधन को सबसे भारी बताते हैं। कहते हैं कि भाजपा को नाराजगी झेलने पड़ सकती है। विनीत कहते हैं कि अभी काफी समय है। चुनाव का माहौल बनेगा बिगड़ेगा। पानी की समस्या तो कोई दूर करता नहीं। खारा पानी पीने को लोग मजबूर हैं। 
विज्ञापन

5 of 8
मथुरा सीट पर 2014 के नतीजे (ग्राफिक्स) - फोटो : अमर उजाला
कस्बा मांट में वृंदावन तिराहे पर चुनाव पर चर्चा के दौरान भगवत स्वरूप ने शिक्षामित्रों की बात उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों के बारे में सरकारों को सोचना चाहिए। इसी दौरान लाला तिवारी कहने लगते हैं आज किसानों की फसलों को देख लो। खुला गोवंश नुकसान पहुंचा जा रहा है। अब यह किसान भला भाजपा के साथ चले जाएंगे। रघुवीर सिंह भी उनकी हां में हां मिलाकर कहते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान की मांग की थी लेकिन हमें तो कहीं मिल नहीं पाया। जबकि कई बार जांच भी कर ली गई। 
विज्ञापन

6 of 8
मथुरा सीट पर 2009 के नतीजे (ग्राफिक्स) - फोटो : अमर उजाला
कोसी कलां में दिगंबर सिंह ने कहा कि कोई धर्म ईमान नहीं रह गया सियासत का। वोट डालना जरूरी है सो डालते हैं। हमें तो सभी पार्टियां एक जैसी ही लगती हैं। मोहनश्याम कहने लगते हैं कि युवाओं के लिए तो किसी के पास वक्त ही नहीं है। बेरोजगारों बढ़ रही है। रोजगार की बातें होती हैं लेकिन मिलता नहीं। इसी दौरान रोहित कहने लगते हैं कि देश के बारे में भी सोचना चाहिए। आज हमारा देश विश्व में ताकत बन रहा है। विपिन कुमार ने कहा कि किसान भी देश में ही आते हैं। किसानों की समस्या तो कोई सुनता ही नहीं।
विज्ञापन

7 of 8
लोकसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव 2019 में मथुरा संसदीय क्षेत्र से  भाजपा ने हेमा मालिनी को फिर मैदान में चुनाव उतारा है। वहीं रालोद ने इस बार कुंवर नरेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने महेश पाठक पर दांव चला है। इनके साथ ओमप्रकाश, छत्तर उर्फ छत्रपाल सिंह निषाद, जसवंत सिंह बघेल, जगवीर सिंह, जसवीर सिंह, दिनेश गौतम, रामदेव गौतम, प्रमोद कृष्ण, फक्कड़ बाबा, रामदास त्यागी भी चुनाव मैदान में हैं।
विज्ञापन

8 of 8
प्रतीकात्मक तस्वीर
मथुरा सीट से अब तक के सांसद
1952- प्रो. कृष्णचंद अग्रवाल, कांग्रेस
1957- राजा महेंद्र प्रताप सिंह, निर्दलीय
1962-चौधरी दिगंबर सिंह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1967- राजा बच्चू सिंह, निर्दलीय
1969- चौधरी दिगंबर सिंह, उपचुनाव भारतीय लोकदल
1971- चकलेश्वर सिंह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1977- मनीराम बागड़ी, भारतीय लोक दल
1980- चौधरी दिगंबर सिंह, आईएनपी (एस)
1984- मानवेंद्र सिंह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1989- मानवेंद्र सिंह, जनता दल
1991- स्वामी साक्षी, भारतीय जनता पार्टी
1996- चौधरी तेजवीर सिंह, भारतीय जनता पार्टी
1998- चौधरी तेजवीर सिंह, भारतीय जनता पार्टी
1999- चौधरी तेजवीर सिंह, भारतीय जनता पार्टी
2004- मानवेंद्र सिंह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2009- जयंत चौधरी, राष्ट्रीय लोक दल
2014- हेमा मालिनी, भारतीय जनता पार्टी


आप इन खबरों के बारे में और क्या जानना चाहते हैं। कृपया अपनी कीमती राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें