उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के सिढ़पुरा थाना इलाके के गांव नगला धीमर और नगला भिकारी के जंगल के इलाके में शराब माफिया के द्वारा हुए जानलेवा हमले की वारदात की जानकारी होने पर पुलिस अफसर सकते में आ गए। वारदात के शिकार हुए पुलिसकर्मियों के लहुलूहान हालात और अनगिनत वार हमलावरों की क्रूरता की गवाई दे रहे थे। घटना में सिपाही की मौत हो गई है वहीं, दारोगा ही हालत गंभीर बनी हुई है।
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घायल पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
दोनों ही पुलिसकर्मियों के हाल इतने खराब थे कि कोई भी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं था। उनके अंडर गारमेंट पूरी तरह से खून से लथपथ थे। सबसे पहले पुलिस कौम्बिंग के दौरान दरोगा अशोक कुमार लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले तो पुलिसकर्मी उन्हें कंधों के सहारे जंगल से बाहर की ओर लेकर आए और एंबुलेंस से अस्पताल भेजा।
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पुलिसकर्मियों की बाइक और वर्दी
- फोटो : अमर उजाला
दरोगा के मिलने के करीब एक घंटे बाद लहूलुहान अवस्था में सिपाही मिला। जिसे चारपाई पर डालकर पुलिसकर्मी जंगल के बाहर सड़क पर लेकर पहुंचे और एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। हालांकि सिपाही देवेंद्र की मौत हो गई। हमलावरों की क्रूरता को लेकर हर कोई उन्हें कोसता नजर आ रहा था। सिपाही और दरोगा के हाथ पैरों में गंभीर चोटें थीं।
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घटना के बाद पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
लोगों का अनुमान था कि लाठी डंडों के अलावा भाले, स्टील की रॉड व अन्य हथियारों से जमकर मारा गया है। हमलावरों की क्रूरता को लेकर हर कोई उन्हें कोस रहा था। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के अलावा एसपी, एएसपी, सीओ व कई थानों के प्रभारी मौजूद थे। हर कोई हमले की इस घटना से बेहद आहत नजर आ रहा था।
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घटना के बाद पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने उच्चाधिकारियों को दी मामले की जानकारी
पुलिसपार्टी पर हमले के मामले की जानकारी जिले के अफसरों ने एडीजी और आईजी को सहित पुलिस मुख्यालय को भी दी। अफसर बराबर इस घटनाक्रम की जानकारी स्थानीय अधिकारियों से लेते रहे। देर रात्रि उच्च अधिकारियों के पहुंचने की सूचना थी।
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पुलिसकर्मियों की बाइक और वर्दी
- फोटो : अमर उजाला
मौके से बरामद हुई दरोगा की बाइक व एक अज्ञात बाइक
घटनास्थल से पुलिस टीमों से दरोगा अशोक कुमार की बाइक मिली है। इसके अलावा एक अन्य अज्ञात की बाइक भी मिली है। दरोगा की बाइक गिरी पड़ी थी। उसी के ऊपर दरोगा की वर्दी और जूते रखे थे। समझा जा रहा है कि वर्दी उतरवाकर मारपीट से पहले हमलावरों ने उन्हें अपमानित भी किया।
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घटनास्थल पर शराब बनाने का सामान
- फोटो : अमर उजाला
पहले भी हमला करते रहे हैं शराब माफिया
जिले में शराब माफियाओं के हौंसले काफी बुलंद रहे हैं। शराब माफिया ही नहीं भूमाफिया भी पुलिस पार्टी पर हमले करते रहे हैं। 17 अगस्त 2019 को सिकंदरपुर वैश्य के नवाबगंज नगरिया में अवैध शराब कारोबारियों ने पुलिसपार्टी पर हमला कर दिया था और फायरिंग कर आरोपी को छुड़ा लिया था।
17 अप्रैल 2019 को पटियाली के जासमई में पुलिसपार्टी पर हमला किया था। जिसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे। 11 जून 2019 को भरगैन में गोतस्करों को पकडने गई पुलिस पर हमला कर दिया गया। 1 जुलाई को सहावर के दमपुरा में मुल्जिम पकडने गई पुलिस पर हमला किया गया। 22 अगस्त 2020 को गंजडुंडवारा के नूरपुर में सरकारी जमीन पर कब्जा छुड़ाने गई पुलिस पर हमला किया गया।